यूपी के नए शहरी क्षेत्र में सड़क बनाने का मानक बदलने जा रही योगी सरकार, जानें क्या करेगी
यूपी में योगी सरकार नए शहरी क्षेत्र में सड़क बनाने का मानक बदलने जा रही है।सीवर और जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन न पड़ने वाले क्षेत्रों में केवल इंटरलॉकिंग सड़कें बनाई जाएंगी। इसकी सुविधा जहां हो जाएगी, वहां सीसी रोड बनेंगे।

UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार नए शहरी क्षेत्रों में सड़क बनाने का मानक बदलने जा रही है। सीवर और जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन न पड़ने वाले क्षेत्रों में केवल इंटरलॉकिंग सड़कें बनाई जाएंगी। इसकी सुविधा जहां हो जाएगी, वहां सीसी रोड बनेंगे। उच्चाधिकारियों का मानना है कि इससे सड़कें बनने के बाद बार-बार काटी नहीं जाएंगी और विभागीय पैसे की बचत होगी। दरअसल, सीवर और जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन के बिना सीसी रोड बन जाने से बाद में सड़कें खोदी जाती हैं। इससे लोगों को असुविधा होती है और दोहरा खर्च भी पड़ता है। इसी सब से बचने के लिए यह कदम उठाने जाने की तैयारी है।
नगर विकास विभाग शहरी क्षेत्र की रास्ते और गलियों में सड़कों का निर्माण कराता है। इसके लिए निकायों को हार साल भारी-भरकम बजट दिया जाता है। इसके बावजूद इसके जरूरतभर सड़कें नहीं बन पाती हैं। इसीलिए उच्चस्तर पर हुई बैठक में सड़कें बनाने के लिए नए सिरे से मानक तय करने पर सहमति बनी है। नगर विकास विभाग को इसके लिए जरूरी सुझाव भेज दिए गए हैं। इसके मुताबिक ऐसी सड़कें, रास्तें और गलियां जिनमें सीवर या जलापूर्ति संबंधी काम नहीं हुए हैं वहां यथासंभव इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण कराया जाए।
सड़क सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय किए जाएं
जिन गलियों में सीवर या जलापूर्ति संबंधी काम हो चुके हैं वहां सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा। सड़कों पर आवश्यक रोड साइनेज लगाए जाएं। सड़क सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय किए जाएं। शहरी क्षेत्र की सड़कों में डार्क स्पॉट और बलैक स्पॉट चिह्नित किए जाएं। स्पीड ब्रेकर के स्थान स्पीड टेबल बनाए जाएं, जिससे खासकर बुजुर्गों को आने-जाने में किसी तरह की समस्या न हो। स्पीड ब्रेकर की वजह से परेशानियां होने की बात सामने आई है। इन सभी तरह की परेशानियों को दूर करने की कोशिश में नगर विकास विभाग में लगा रहा हुआ।
नए मानक के आधार पर सड़कें बनाई जाएं
नगर विकास विभाग अब इसके आधार पर निकायों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने जा रहा है, जिससे नए मानक के आधार पर सड़कें बनाई जाएं। इससे एक ही सड़क को बार-बार बनाने का झंझट खत्म हो जाएगा और जहां सड़कें नहीं बनी हैं, वहां बनाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। सड़कें बन जाने के बाद लोगों को आने-जाने में हो रही समस्या दूर हो जाएगी।




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