योगी सरकार ने इन 40 लाख महिलाओं की पेंशन का किया इंतजाम, हर तिमाही भुगतान
अनुपूरक बजट में योगी सरकार हर क्षेत्र को मजबूती देते हुए आगे बढ़ी है। पर्यावरण संरक्षण पर भी खासा ध्यान रखा गया है। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए यूपीनेडा को 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। योजना के तहत प्रदेश को 10,09,567 आवेदन मिले हैं।

यूपी विधानसभा में सोमवार को पेश अनुपूरक बजट में सरकार ने 40 लाख निराश्रित महिलाओं की पेंशन का इंतजाम किया है। पेंशन भुगतान निर्बाध रहे, इसके लिए सरकार ने 535 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है। योजना के मुताबिक पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दी जाती है, जिसका भुगतान हर तिमाही किया जाता है। वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में पेंशन भुगतान के लिए करीब 40 लाख लाभार्थियों को शामिल किया गया है। करीब 1200 करोड़ इसमें खर्च आएगा।
अनुपूरक बजट में सरकार हर क्षेत्र को मजबूती देते हुए आगे बढ़ी है। पर्यावरण संरक्षण पर भी खासा ध्यान रखा गया है। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए यूपीनेडा को 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे राज्य की सब्सिडी दी जाएगी। योजना के तहत प्रदेश को 10,09,567 आवेदन मिले हैं। 3,14,376 घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार ने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए 361.60 करोड़ रुपये, पिछड़ा वर्ग की लड़कियों की शादी अनुदान के लिए 32 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। हर मंडल पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों के लिए भी एक करोड़ रुपये दिए गए हैं।
तकनीकी और प्राविधिक शिक्षा में होगा आधारभूत सुधार
अनुपूरक बजट में राज्य पॉलिटेक्निक कॉलेजों की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये और आधुनिक तकनीक से लैस एक्सिलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए 613.72 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव किया गया है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में पॉलिटेक्निक भवनों के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर को 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
इसके अलावा इंजिनियरिंग कॉलेज, झांसी के लिए दो करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश राज्य प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर को अनुदान सहायता प्रदान करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत 50 हजार युवाओं को अल्पकालीन प्रशिक्षण देने के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
टोकन मनी से बड़ी योजनाओं की झलक
प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में कई योजनाओं के लिए टोकन मनी (प्रतीकात्मक राशि) देकर बड़ी योजनाओं की झलक दिखाई है। भविष्य में इनमें पैसा डालकर इन्हें विस्तार दिया जाएगा। हर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन या बारातघर बनाए जाएंगे। इसके लिए 1 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। यही नहीं, गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए भी सरकार ने प्रतीकात्मक तौर पर एक लाख रुपये का इंतजाम किया है। सरकार की योजना सभी जिला, तहसील और ब्लॉकों में हैलीपैड बनवाने की है। निर्माण के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जबकि इनके रखरखाव के लिए एक लाख रुपये की प्रतीकात्मक व्यवस्था की है।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी के लिए 50 करोड़ रुपये
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर दी जाने वाली सब्सिडी बरकरार रखने के फैसले के बाद इसके लिए बजट का इंतजाम अनुपूरक में किया है। इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
पराग का ब्रांडिंग को नियुक्त होगा सलाहकार
यूपी सरकार पराग की ब्रांडिंग करेगी। इसके लिए सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। पराग की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए सलाहकार की नियुक्ति के लिए 5 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। दुग्ध संघों के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस रकम से दुग्ध संघों को पुनर्जीवित किया जाएगा। मेरठ व वाराणसी में डेयरी परियोजनाओं के लिए पीसीडीएफ को ऋण देने के लिए 11 करोड़ रुपये का ऋण दिया जाएगा।
एमएसएमई पर सरकार ने जताया भरोसा
सरकार ने एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) क्षेत्र को सशक्त बनाने को लेकर अनुपूरक बजट में ठोस प्रावधान किए हैं। एमएसएमई से जुड़े कार्यालयी तंत्र को मजबूत करने के लिए जिला उद्योग केंद्र के अधिष्ठान व्यय के लिए 1.5 करोड़ रुपये तथा उद्योग निदेशालय के अधिष्ठान व्यय के लिए भी 1.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत 823.43 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। इस राशि का बड़ा हिस्सा एमएसएमई इकाइयों को पूंजी निवेश, सब्सिडी, ब्याज अनुदान और रोजगार सृजन से जुड़े प्रोत्साहन के रूप में मिलेगा।
नगरीय क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खोला खजाना
सरकार ने अनुपूरक में नगरीय क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त करने के लिए भी रकम की व्यवस्था की है। नगरीय निकायों में पेयजल सुविधाओं के लिए 125 करोड़ रुपये, नगरीय इलाकों में सीवरेज व जल निकासी योजनाओं में 175 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में सुविधाओं के विकास के लिए 73.92 करोड़ रुपये, नगरीय क्षेत्रों में सांस्कृतिक, धार्मिक, पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर 50 करोड़ रुपये, नगरीय निकायों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये, नगरीय निकायों में मार्ग प्रकाश और विद्युत देयों के भुगतान के लिए 622.56 करोड़ रुपये, नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित श्वानों और अन्य पशुओं की देखभाल के लिए 25 करोड़ रुपये और पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना में 140 करोड़ रुपये दिए हैं।




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