बिजली, स्वास्थ्य और वैश्विक कनेक्टिविटी को बढ़ावा...यूपी को अनुपूरक बजट में क्या-क्या मिला?
सोमवार को विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार के इस बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली समेत कई जरूरी चीजों का ध्यान रखा गया। अनुपूरक बजट के जरिए सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों को 'अतिरिक्त खुराक' दी है।

यूपी सरकार ने सोमवार को विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार के इस बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली समेत कई जरूरी चीजों का ध्यान रखा गया। अनुपूरक बजट के जरिए सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों को 'अतिरिक्त खुराक' दी है। औद्योगिक विकास और वैश्विक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के अतिरिक्त बिजली और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी सरकार बड़ी रकम आंवटित की है। उद्योगों के लिए सरकार ने 4,874 करोड़ जबकि ऊर्जा पर 4,521 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। स्वास्थ्य विभाग को 3500 और नगर विकास को 1,758 करोड़ रुपये दिए हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 1865 करोड़
सरकार ने एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी पर खासा जोर दिया है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर सुविधाओं के विस्तार के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे को जल्द शुरू करने के लिए 1865 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए ₹1,246 करोड़ की धनराशि का प्रावधान अनुपूरक बजट में किया है। इस धनराशि के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विस्तार के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है, जिससे माल परिवहन, निर्यात, औद्योगिक आपूर्ति शृंखला और यात्री आवागमन को निर्बाध गति मिलेगी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर जनसुविधा परिसर और पार्किंग के लिए 5 लाख रुपये का इंतजाम सरकार ने किया है। राज्य सरकार का सबसे ज्यादा फोकस प्रदेश में नया निवेश लाने पर है ताकि युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।
प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) व फॉर्चून-500 कंपनियों के निवेश को प्रोत्साहन के लिए 371 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति के लिए 823 करोड़ रुपये, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास नीति- 2012 के तहत कंपनियों को प्रोत्साहन देने के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन को सुदृढ़ करने के लिए जिला उद्योग केंद्रों को ₹1.5 करोड़ और उद्योग निदेशालय को ₹1.5 करोड़ दिए गए हैं। हथकरघा क्षेत्र में पीएम मित्र पार्क के लिए 85 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
चुनौतियों की फिक्र
सरकार ने बजट में न केवल विकासपरक योजनाओं को बढ़ावा दिया है, बल्कि विकास से भविष्य में होने वाली चुनौतियों से निपटने पर प्रतिबद्धता भी दिखाई है। नगरीय क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की गुणवत्ता सुधारने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नगरीय क्षेत्र में सांस्कृतिक, धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों की अवस्थापना सुविधाओं के लिए 50 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। नगर निकायों में कुत्तों और अन्य पशुओं की देखभाल के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान है। ऊर्जा क्षेत्र में यूपीनेडा को 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं ताकि हरित ऊर्जा से पर्यावरण को संरक्षित रखा जा सके।
24 घंटे बिजली सप्लाई के लिए वितरण नेटवर्क होगा मजबूत
पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की चर्चाओं के बीच अनुपूरक बजट में उद्योग के बाद ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी हिस्सेदारी मिली है। भविष्य में राज्य सरकार की योजना सभी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की है। बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने के लिए बजट में व्यवस्था की गई है। रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन योजना के लिए 3744 करोड़ रुपये, बिजली का वितरण नेटवर्क दुरुस्त करने के लिए 500 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत लाइन हानियों में कमी लाने के लिए भी सरकार ने 100 करोड़ रुपये पावर कॉरपोरेशन को दिए हैं।
पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए 200 करोड़
अगले साल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। परिसीमन समेत अन्य तैयारियां चल रही हैं। तैयारियों में पैसे की कमी आड़े न आए और सभी काम तय समय पर पूरे करके चुनाव करवाए जाएं, इसके लिए सरकार ने अनुपूरक में 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। जानकारों के मुताबिक इस रकम से चुनाव की तैयारियों और उसमें होने वाले तमाम खर्च का प्रबंध इस रकम से किया जाएगा। सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन निर्माण के लिए भी 24.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इस क्षेत्र को इतना मिला
| औद्योगिक विकास 4,874 करोड़ |
| ऊर्जा सेक्टर 4,521 करोड़ |
| स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण 3,500 करोड़ |
| नगर विकास के लिए 1,758.56 करोड़ |
| तकनीकी शिक्षा 639.96 करोड़ |
| महिला एवं बाल विकास 535 करोड़ |
| यूपीनेडा 500 करोड़ |
| मेडिकल एजुकेशन 423.80 करोड़ |
| गन्ना एवं चीनी 400 करोड़ |
अन्य बड़ी योजनाएं
| हर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र में बनेंगे बारात घर। इसके लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 लाख रुपये की व्यवस्था |
| उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं बिना पेपर लीक के कराने के लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
| गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए 1 लाख रुपये की प्रतीकात्मक व्यवस्था |
| हीमोफीलिया रोगियों के मुफ्त इलाज के लिए 10 करोड़ रुपये |
| नगर निकायों के मार्गप्रकाश व जलकल की मद में बकाया बिजली बिल भुगतान के लिए 622 करोड़ रुपये |




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