यूपी में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए गुड न्यूज, 43 जिलों में होगा ये काम; योगी कैबिनेट का फैसला
32 जिलों में अभी अंतरिम व्यवस्था के तहत नैफेड की ओर से आपूर्ति की जाएगी। 43 जिलों में बच्चों और गर्भवर्ती महिलाओं को अलग-अलग अनुपूरक पुष्टाहार नई गाइडलाइन के अनुसार दिए जाएंगे। सोमवार को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के इस प्रस्ताव को योगी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है।

यूपी के 43 जिलों की 288 बाल विकास परियोजनाओं में अनुपूरक पुष्टाहार की आपूर्ति उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) की 204 उत्पादन इकाइयों के माध्यम से निर्मित कराकर रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार की आपूर्ति की जाएगी। बच्चों और गर्भवर्ती महिलाओं को अलग-अलग अनुपूरक पुष्टाहार नई गाइडलाइन के अनुसार दिए जाएंगे। सोमवार को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के इस प्रस्ताव को योगी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है।
वहीं इन जिलों के अलावा दूसरे जिलों और परियोजनाओं में नैफेड की सेवाएं अंतरिम व्यवस्था के अंतर्गत रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराने के लिए की जाएंगी यानी बाकी 32 जिलों में अभी अंतरिम व्यवस्था के तहत नैफेड की ओर से आपूर्ति की जाएगी। रैसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार के तहत छह माह से एक वर्ष के बच्चे को शिशु अमृत, एक वर्ष से तीन वर्ष तक के बच्चे को शिशु आहार, तीन वर्ष से छह वर्ष के बच्चों को शिशु पुष्टिकर, गर्भवती व धात्री महिलाओं को संपूर्ण मातृ आहार, छह माह से एक वर्ष के अति कुपोषित बच्चों को आरोग्य पोषण, एक वर्ष से तीन वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों को बाल संजीवनी और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के अतिकुषोषित बच्चों को सक्षम पोषण दिया जाएगा।
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें भदोही जिले में एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना सहित उच्च शिक्षा विभाग के दो बड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे। योगी सरकार ने आज विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया। इसके पहले हुई कैबिनेट बैठक में अनुपूरक बजट के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। गोरखपुर में उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्विविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को भी कैबिनेट में पास किया गया।
यूपी वालों की सेहत के लिए 3900 करोड़ से अधिक दिए
उत्तर प्रदेश के अनुपूरक बजट में योगी सरकार ने यूपी वासियों की सेहत का भी ध्यान रखा है। स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खासतौर से आयुष्मान कार्ड धारक प्रदेश के करोड़ों पात्र परिवारों के इलाज की चिंता की गई है। इसके लिए कुल 1500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसमें आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के 300 करोड़ रुपये भी शामिल हैं जबकि चिकित्सा शिक्षा विभाग को मेडिकल कॉलेजों के लिए 423.80 करोड़ रुपये दिए गए हैं।




साइन इन