योगी सरकार ने सस्पेंड ज्वाइंट डायरेक्टर किया बर्खास्त, 3 मामलों में लगाए गए 14 आरोपों में दोषी
योगी सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सस्पेंड ज्वाइंट डायरेक्टर बर्खास्त किया। तीन मामलों में 15 आरोप लगे थे। जांच में 15 में से 14 आरोप में उन्हें दोष सिद्ध पाया है।

UP News: यूपी में योगी सरकार ने वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निलंबित संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को बर्खास्त कर दिया गया है। यूपी लोक सेवा आयोग से सहमति के बाद उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी हुए हैं। शेषनाथ पांडेय को भविष्य में किसी भी सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
शेषनाथ पांडेय पर तीन मामलों में 15 आरोप लगे थे। जांच में 15 में से 14 आरोप में उन्हें दोष सिद्ध पाया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं कीं, कदाचार किया, तथ्यों को छिपाया, न्यायिक आदेशों की अनदेखी की और नियमों के विरुद्ध आदेश पारित किए। इससे कुछ लोगों को उन्होंने अनुचित लाभ दिया। शेषनाथ पांडेय पर लगे आरोप तब के हैं जब वह मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार के पद पर थे। शेषनाथ के कृत्यों को सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली का उल्लंघन माना गया है।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट, अभिलेखीय साक्ष्य, संबंधित अधिकारी के जवाब के बाद बर्खास्तगी के सबंध में शासन ने यूपी लोक सेवा आयोग से सहमति ली थी। आयोग से मंजूरी मिलने के बाद उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। जांच के निष्कर्षों में कहा गया है कि शेषनाथ पांडेय का सेवा में बने रहना शासकीय एवं जनहित में नहीं है। शेषनाथ पांडेय पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर भी निर्णय लेने का दोष सिद्ध हुआ है।
ये तीन मामले हैं
- मदरसा बाबुल इल्म मुबारकपुर आजमगढ़ में सहायक अध्यापिका फौकानिया रहीं शगुफ्ता बानो की सेवासमाप्ति के बावजूद उन्हें रिटायर दिखाकर सेवानिवृत्ति का लाभ दिया गया। उनसे रिटायरमेंट की उम्र (62 साल) से ज्यादा काम लिया गया और उन्हें अनुचित भुगतान किया गया। बर्खास्तगी के बावजूद न केवल सेवानिवृत्ति का लाभ दिया गया बल्कि चिकित्सीय अवकाश भी दिए गए।
- मदरसा अरबिया काफियतुल उलूम प्रतापगढ़ सिटी में सहायक अध्यापिका संध्या सिंह को कूटरचित अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने का मामला पुष्ट होने पर तो शेषनाथ पांडेय ने उनकी नौकरी समाप्त करते हुए मदरसा प्रबंधक और संध्या के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए। हालांकि, ऐसे ही कूटरचित दस्तावेजों के साथ नौकरी के दोषी पाए गए मदरसा जामिया इस्लामिया मदनपुरा वाराणसी के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोहम्मद आसिफ को नौकरी में बने रहने दिया गया।
- मदरसा इस्लामिया महुआरी पथरदेवा देवरिया के सहायक अध्यापक अशरफ अली अंसारी की बर्खास्तगी नियमविरुद्ध की गई। उनकी जगह कमरुद्दीन की नियुक्ति हो गई। बाद में दोनों को एक साथ वेतन दिए जाने की स्थिति बनी।




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