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चुनावी मोड में योगी सरकार, अवध से ब्रज भूमि तक सौगातों की बौछार, कैबिनेट से सियासी संदेश

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कैबिनेट के माध्यम से 'मिशन 2027' का चुनावी शंखनाद कर दिया है। 'डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना' के जरिए दलितों और पिछड़ों को साधने का बड़ा दांव चला गया है। ब्रज भूमि से अपने एजेंडे को धार दी है।

Wed, 8 April 2026 07:00 AMYogesh Yadav लखनऊ, राजकुमार शर्मा
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चुनावी मोड में योगी सरकार, अवध से ब्रज भूमि तक सौगातों की बौछार, कैबिनेट से सियासी संदेश

UP News: चुनावी शोर इन दिनों भले ही बंगाल, असम सहित पांच राज्यों में सुनाई दे रहा हो, मगर यूपी में भी योगी सरकार ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को जिस तरह सरकार ने अवध से लेकर ब्रजभूमि तक लोक मंगल की योजनाओं से जुड़ी सौगातों की बौछार की, वो इसी ओर इशारा करती है। सुबह राजधानी में युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों को तोहफे देने के साथ दलितों को साधने का भी बड़ा दांव चला गया। वहीं शाम को ब्रज में विकास की चासनी में पगे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार दी।

सियासत में संकेतों का खासा महत्व है और भाजपा इस खेल की माहिर। पार्टी ने अपने 47वें स्थापना दिवस से सूबे में चुनावी शंखनाद कर दिया है। इसी कड़ी में यूपी के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास रहा। कैबिनेट के कई छोटे-छोटे फैसलों से बड़े सियासी संदेश देने का प्रयास हुआ। वर्ष 2014 के बाद से लगातार यूपी में अपने वोट बैंक में इजाफा करने वाली भाजपा की नजर इस बार दलितों पर है। हालांकि इसके पीछे 2024 के कुछ खट्टे अनुभव भी हैं। डा. बीआर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के ऐलान से पार्टी ने दलित सियासत पर फोकस का रोडमैप पेश कर दिया है। मूर्तियों को संवारने के बहाने जाटव समाज के साथ ही कबीर पंथियों, रैदास, वाल्मीकि सहित अनुसूचित वर्ग की अन्य तमाम जातियों को साधने का दांव चला गया है।

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एजेंडे को दी धार

25 लाख युवाओं को टैबलेट और करीब 1.70 लाख शिक्षामित्रों-अनुदेशकों की मानदेय वृद्धि के सामाजिक के साथ ही सियासी मायने हैं। विस्थापितों की फिक्र कर सरकार ने पड़ोसी मुल्कों में रह रहे अल्पसंख्यकों को बड़ा संदेश दिया है। इसके पहले केंद्र इन लोगों की नागरिकता के लिए सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट ला चुका है। वहीं मदरसा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि पर दोषियों पर आपराधिक मुकदमा चलाने के अखिलेश सरकार के फैसले की वापसी पर आगे बढ़कर योगी सरकार ने अपने एजेंडे को और धार दे दी है।

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ब्रज को अवध से जोड़ा

मुख्यमंत्री एक बार फिर मथुरा भी गए। दरअसल, अयोध्या और काशी के बाद मथुरा ही संघ और भाजपा के रोडमैप का प्रमुख हिस्सा है। बांकेबिहारी कॉरीडोर के जरिए सरकार इस लक्ष्य की ओर बढ़ भी रही है। कान्हा की धरती से राजा रामचंद्र की जय का उद्घोष कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज को सीधे अवध से जोड़ दिया। फिर ब्रजभूमि में शामिल आगरा से साढ़े छह हजार करोड़ की रियायशी सहित अन्य योजनाओं के जरिए अपनी सरकार के विकास पथ पर निरंतर बढ़ने का संदेश भी दिया।

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