आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना को योगी कैबिनेट की मंजूरी, 403 करोड़ से लगेगा छत्र और पार्कों का होगा सुंदरीकरण
योगी कैबिनेट ने 'डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना' को मंजूरी दी है, जिसके तहत यूपी की हर विधानसभा में 10-10 महापुरुषों की प्रतिमाओं का 10 लाख रुपये प्रति प्रतिमा की दर से सुंदरीकरण होगा।

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने जहाँ प्रदेश भर में बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर समेत अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं के सुंदरीकरण के लिए 403 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा में एक नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है।
डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना: हर विधानसभा को 1 करोड़
प्रदेश सरकार ने 'डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना-2026' को लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन महापुरुषों की प्रतिमाओं का संरक्षण और सम्मान करना है, जिन्होंने सामाजिक न्याय के लिए अपना जीवन समर्पित किया। इस योजना का मुख्य लक्ष्य बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर सहित उन सभी महापुरुषों और विभूतियों की प्रतिमाओं का सम्मान और रख रखाव करना है, जिन्होंने सामाजिक न्याय और समाज सुधार के लिए अपना जीवन समर्पित किया। प्रतिमा स्थलों पर सुरक्षा के लिए छतरी, बाउंड्री वॉल, सौंदर्यीकरण, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य कराए जाएंगे।
बजट और विस्तार: योजना के लिए कुल 403 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं को 1-1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
प्रतिमाओं का चयन: प्रत्येक विधानसभा में लगभग 10 प्रतिमा स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें डॉ. आम्बेडकर के साथ-साथ संत रविदास, संत कबीरदास, ज्योतिबा फुले और महर्षि वाल्मीकि जैसे समाज सुधारकों की प्रतिमाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या होंगे कार्य: सार्वजनिक स्थानों, नगर निकायों और पंचायतों में स्थापित इन प्रतिमाओं के पास बाउंड्री वॉल, छतरी (शेड), सुंदरीकरण, लाइटिंग और हरियाली विकसित की जाएगी। प्रत्येक स्थल पर अधिकतम 10 लाख रुपये खर्च किए जा सकेंगे।
विशेष अभियान: योजना के पहले चरण में 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित प्रतिमाओं को लिया गया है। आगामी 14 अप्रैल (आम्बेडकर जयंती) को सभी विधानसभाओं में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर चयनित स्थलों की जानकारी दी जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में 'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना
उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के अंतर्गत ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दी है।
संस्था और भूमि: उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि 'सनहिल हेल्थकेयर प्रा. लि., नोएडा' द्वारा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर यह विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया: इसके लिए 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' की अनुसूची में संशोधन करते हुए अध्यादेश-2026 प्रख्यापित करने का निर्णय लिया गया है।
महत्व: यह पहल प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा के नए अवसर सृजित करेगी। सरकार का लक्ष्य निजी निवेश के माध्यम से यूपी को शिक्षा का हब बनाना है।




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