up panchayat election after assembly election 2027 cabinet minister sanjay nishad statement यूपी पंचायत चुनाव विधानसभा के बाद होंगे, योगी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी पहली बार मान लिया, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

यूपी पंचायत चुनाव विधानसभा के बाद होंगे, योगी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी पहली बार मान लिया

यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने पहली बार स्वीकार किया है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव अब 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे। उन्होंने आरक्षण की प्रक्रिया और पार्टी के भीतर संभावित गुटबाजी को इसका मुख्य कारण बताया है।

Tue, 7 April 2026 09:24 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
share
यूपी पंचायत चुनाव विधानसभा के बाद होंगे, योगी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी पहली बार मान लिया

UP News: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तारीखों को लेकर चल रही अटकलों पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव अब 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद ही संपन्न हो पाएंगे। मंत्री के इस तर्क ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे नेताओं को इससे झटका लगना भी स्वाभाविक है।

संजय निषाद ने क्या गिनाएं कारण

संजय निषाद ने कहा कि पंचायत चुनाव एक लंबी और संवैधानिक प्रक्रिया है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और बिना आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हुए चुनाव कराना संभव नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि अभी पिछड़ों और महिलाओं के आरक्षण की गिनती और व्यवस्था होनी बाकी है। मंत्री ने साफ कहा, "कोर्ट भी यही कहेगा कि बिना आरक्षण तय किए चुनाव कैसे कराया जा सकता है। इन सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने में समय लगेगा, इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव होने की संभावना न के बराबर है।"

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का चिराग की पार्टी का ऐलान, किसकी बढ़ेगी टेंशन

अंदरूनी कलह का डर: "अपनों से ही भिड़ जाएंगे कार्यकर्ता"

मंत्री ने चुनाव टलने के पीछे एक दिलचस्प राजनीतिक कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंचायत चुनाव कराए जाते हैं, तो इससे पार्टी को भी नुकसान हो सकता है। संजय निषाद ने स्पष्ट किया, "पंचायत चुनाव में अक्सर एक ही गांव से भाजपा, सपा या निषाद पार्टी के ही चार-चार दावेदार आमने-सामने होते हैं। पार्टी किसके साथ खड़ी रहेगी? जो जीतेगा उसे पार्टी अपना लेगी, लेकिन बाकी तीन दावेदार पार्टी से नाराज हो जाएंगे। इससे पार्टी के भीतर ही गुटबाजी और कलह पैदा हो जाएगी। यह कलह विधानसभा चुनाव में नुकसान पहुंचाएगी।"

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:स्टूडेंट्स को बड़ी सौगात की तैयारी, योगी कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

ओपी राजभर के भी बदले सुर

संजय निषाद के साथ ही सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर के भी सुर बदल गए हैं। अभी तक वह समय पर ही चुनाव और बैलेट पेपर छपने की बातें कहते थे। अब उन्होंने भी गेंद हाईकोर्ट के पाले में करने की बातें कहीं हैं। राजभर ने कहा कि हाईकोर्ट में मामला है। वहां से जो निर्देश होगा, उसी के अनुसार कार्य होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पंचायत चुनाव से पहले गांव-गांव योगी सरकार का अभियान, ग्राम सचिवालयों में कैंप

विपक्ष पर भी पड़ेगा असर

संजय निषाद के इस बयान के बाद विपक्षी दलों में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार की रणनीति ग्रामीण चुनावों को टालकर पूरा ध्यान विधानसभा 2027 की तैयारियों पर केंद्रित करने की है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय उम्मीदवार जो पिछले कई महीनों से तैयारी कर रहे थे, उनके लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।