यूपी में जालौन से झांसी तक 115 km लंबे लिंक एक्सप्रेस-वे की कवायद शुरू; कहां-कहां से गुजरेगा
यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड में नोएडा की तर्ज पर बनने वाले नए औद्योगिक शहर से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा। उत्तर प्रदेश औद्योगिक एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (यूपीडा) ने इस पर काम शुरू कर दिया है। यह जालौन से झांसी तक बनेगा। झांसी के पास बीडा नोएडा की तर्ज पर एक नया औद्योगिक शहर विकसित कर रहा है।
Link Expressway: यूपी के बुंदेलखंड की बुलंदी को रफ्तार देने वाले 115 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेस-वे को लेकर कवायद शुरू हो गई है। यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड में बन रहे नए शहर से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा। उत्तर प्रदेश औद्योगिक एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (यूपीडा) ने इस पर काम शुरू कर दिया है। यह एक्सप्रेस-वे जालौन से झांसी तक बनेगा। झांसी के पास बीडा नोएडा की तर्ज पर एक नया औद्योगिक शहर विकसित कर रहा है। ऐसे में नए उद्योगों के आने से इस नए शहर और झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ना जरूरी हो गया है। इसी वजह से जालौन से एरच के बीच यह नया लिंक एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। इस पर करीब 1300 करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है।
मिली जानकारी के अनुसार झांसी के जिन गांवों से होकर यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा उनके नाम तय हो गए हैं। यह झांसी के गरौठा-गोगल, कुडरी, डुंडी, मलहेटा, अहरौरा, अंडोल, भदरवारा बुजुर्ग, मेढ़का, चक मेढ़का, स्किल बुजुर समेत कुल 63 गांव से होकर गुजरेगा। हालांकि अभी यह अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। रास्तों को लेकर ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है। उम्मीद है कि एक महीने में ड्रोन सर्वे पूरा हो जाएगा। इसके बाद एक्सप्रेस-वे का रास्ता तय हो जाएगा। फिर दूसरे चरण का काम शुरू होगा।
जालौन से एरच के बीच लिंक एक्सप्रेस वे की लंबाई 115 किलोमीटर होगी। एरच से आगे यह बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से मिल जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर के चित्रकूट और झांसी नोड में लग रहे रक्षा उद्योगों से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार को भारी निवेश की उम्मीद है। इसके अलावा नए लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस पर वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी। बुंदेलखंड में फार्मा पार्क पहले से बन रहा है। इस नए लिंक एक्सप्रेस-वे से दिल्ली, लखनऊ, आगरा समेत सड़क मार्ग से पूर्वांचल जाना भी काफी आसान हो जाएगा।
आगे छह लेन तक बढ़ाया जा सकेगा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह लिंक एक्सप्रेस-वे शुरुआत में चार लेन का बनाया जाएगा लेकिन आगे चलकर इसे छह लेन तक विकसित किया जा सकेगा। जमीन का अधिग्रहण भी इसी के अनुरूप होगा। जमीन अधिग्रहण पर करीब 228 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। सरकार ने कुछ धनराशि स्वीकृत कर दी है।
झांसी के इन गांवों से गुजर सकता है एक्सप्रेस-वे
115 किलोमीटर का इस नए लिंक एक्सप्रेस-वे के झांसी के कुल 63 गांवों से गुजरने की संभावना है। इनमें गरौठा-गोगल, कुडरी, डुंडी, मलहेटा, अहरौरा, अंडोल, भदरवारा बुजुर्ग, मेढ़का, चक मेढ़का, स्किल बुजुर्ग, नया केरा, लभेरा, गोरा, जुझारपुरा, बिलाटी खेर, रौतनपुरा, टेहरका, टहरौली शमशेरपुरा, सुरवई, परगाना, रावतपुरा, पथरेंदी, दिनेरा, फूलखिरिया, कल्याणपुरा स्टेट, कलौथरा घाट, मोंठ बरहेटा, डबरी, पुराचीर, मुसावली, रामनगर, करगुवां, बरल, मोंठ खुर्द, नंदसिया, देवरा, निबि, खिरियाराम, नरी, सिमथरी, मुडई, बिरथारी, मुड़गांव, गंगावली, परासार, पाली परासार, खिरिया पाली, मवई गिर्द, बरगढ़, आरी, कोट, लकरा, रोनिजा, चंद्रा, अंबाबाय, कलोथरा, सारमऊ, सिमरा, पुनावली कला, रक्सा, डगरवाहा, उरई-फूलपूरा, टिमरौन, गोरन, जैसारी कला, किशोरा, कोटरा, हिलगना शामिल हैं।




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