सुबह-सुबह पूर्व चेयरमैन के घर पहुंच गईं महिलाएं, हाथ-पैर बांधकर कीचड़ से नहला डाला; जानें क्यों
पुरानी परंपरा रही है कि कीचड़ से किसी प्रमुख व्यक्ति को यदि नहला दिया जाए तो इंद्रदेव खुश हो जाते हैं और बारिश होती है। पुरानी परंपराओं और मान्यताओं के आधार पर ही महाराजगंज के नौतनवां कस्बे की महिलाएं पूर्व अध्यक्ष गुड्डू खान के घर पहुंची। उनका हाथ-पैर बांधकर कीचड़ से नहलाना शुरू कर दिया।

यूपी के महाराजगंज के नौतनवां कस्बे की रहने वाली महिलाएं सुबह-सुबह अचानक पूर्व चेयरमैन गुड्डू खान के घर पहुंच गईं। महिलाओं ने उनका हाथ-पैर बांधकर कीचड़ से नहलाना शुरू कर दिया। खास बात यह है कि इस दौरान पूर्व चेयरमैन गुड्डू खान बड़े ही शांत चित्त से बैठे रहे। दरअसल, महिलाओं ने उन्हें कीचड़ से नहला कर बारिश के लिए एक पुरानी परंपरा का निर्वाह किया और इंद्रदेव को खुश करने का टोटका आजमाया।
बारिश न होने से भीषण गर्मी और धान की रोपाई में हो रही देरी से लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। परेशान महिलाओं ने कस्बे के प्रमुख व्यक्ति को कीचड़ से नहलाकर टोटका आजमाया। मान्यता है कि कस्बे के प्रमुख व्यक्ति को यदि कीचड़ से नहला दिया जाए तो इंद्रदेव खुश होते हैं। इसी परंपरा का निर्वाह किया गया।
बारिश का मौसम निकलता जा रहा है और तपिश भरी गर्मी से लोग बेहाल है। किसान धान के फसल को सही समय पर रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे उनकी चिंता भी बढ़ गई है। घरों में लगे नल जलस्तर नीचे जाने की वजह से सूखे पड़ गए हैं। पुरानी परंपरा रही है कि कीचड़ से किसी प्रमुख व्यक्ति को यदि नहला दिया जाए तो इंद्रदेव खुश हो जाते हैं और बारिश होती है। पुरानी परंपराओं व मान्यताओं के आधार पर ही महिलाएं पूर्व अध्यक्ष गुड्डू खान के घर पहुंची और उनका हाथ-पैर बांधकर कीचड़ से नहलाना शुरू किया। महिलाएं कजरी गीत गाने लगी।
क्या बोले पूर्व चेयरमैन
पूर्व नपा अध्यक्ष गुड्डू खान ने कहा कि पुरानी परंपरा रही है कि किसी को कीचड़ से नहला देने से इंद्र देवता खुश हो जाते हैं। महिलाओं ने पूर्व में प्रचलित प्रथा को अपनाते हुए आज उनको कीचड़ से नहलायी हैं। परमपिता परमेश्वर से ये दुआ है कि नगर की महिलाओं की मुराद पूरी करें। बारिश न होने से लोगों को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके। इस दौरान सोनकली देवी, परमज्योति देवी, सावित्री देवी, आरती, प्यारी, मनसा देवी, जालीमुन निशा, अमरावती देवी, जासमीन खातून, शालू, माया देवी के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।




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