किस रूप में करें भगवान का ध्यान? PM मोदी के छोटे भाई प्रेमानंद महाराज से मिले; जानें हुई क्या बात
प्रह्लाद मोदी ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि जब हम अलग-अलग मंदिर में जाते हैं तो भगवान का स्वरूप अलग-अलग होता है। ध्यान-भजन करते हैं तो कन्फ्यूजन होता है। इस पर उत्तर देते हुए संत प्रेमानंद महाराज ने कहा, ‘आचार्य परंपरा से जब हम जुड़ते हैं तो हम जाएं कहीं भी लेकिन हम ध्यान करेंगे अपने ईष्ट का।’

प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के वृंदावन आश्रम में दूर-दूर से लोग उनके दर्शन करने पहुंचते हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी ने संत प्रेमानंद महाराज से उनके आश्रम में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संत प्रेमानंद से अलग-अलग मंदिरों में भगवान के अलग-अलग स्वरूपों को लेकर अपनी जिज्ञासा प्रकट की। इस पर प्रेमानंद महाराज ने उन्हें बेहद सरल और भावपूर्ण उत्तर दिए।
प्रह्लाद मोदी ने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के दौरान कहा, ‘मुझे मां के साथ रहने का सौभाग्य हुआ परन्तु दो साल पहले उनका निधन हो गया। अब मैं आध्यात्मिक मार्ग पर चलना चाहता हूं।’ प्रह्लाद मोदी ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि जब हम अलग-अलग मंदिर में जाते हैं तो भगवान का स्वरूप अलग-अलग होता है। ध्यान-भजन करते हैं तो कन्फ्यूजन होता है। इस पर उत्तर देते हुए संत प्रेमानंद महाराज ने कहा, ‘आचार्य परंपरा से जब हम जुड़ते हैं तो जैसे हम हैं तो हम जाएं कहीं भी लेकिन हम ध्यान करेंगे राधा वल्लभ जी का क्योंकि हरिवंश महाप्रभु के हम शिष्य हैं और राधा वल्लभ जी हमारे ईष्ट हैं।’
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा, ‘जैसे कोई स्वामी हरिदास जी का है तो बांके बिहारी जी का वो ध्यान करेगा। जैसे आप नहीं जुड़े हैं तो आपको मान लेना चाहिए कि मेरे बांके बिहारी जी...। तो दर्शन सब जगह करें लेकिन ध्यान बिहारी जी का करें, ऐसे चला जाता है। भगवान के मार्ग में एक जगह कहीं अपनी निष्ठा कर ली जाती है और फिर सतमार्ग में चला जाता है।’
सामाजिक-धार्मिक कामों में सक्रिय रहते हैं प्रह्लाद मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी सामाजिक और धार्मिक कामों में सक्रिय रहते हैं। वह अहमदाबाद में रहते हैं। हाल ही में वह व़ंदावन आए थे। इसी दौरान उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से उनके आश्रम में मुलाकात की और अपनी जिज्ञासा का प्रकट किया।




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