औरतों ने संभाला स्मार्ट मीटर विरोध का मोर्चा, बिजली दफ्तर में कई जगह बवाल, मेरठ में प्रीपेड बॉक्स तोड़े
यूपी में स्मार्ट मीटर के खिलाफ उपभोक्ताओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अब महिलाओं ने भी मोर्टा खोल दिया है। लखनऊ में मेरठ में बिजल दफ्तर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई महिलाएं घरों से उखाड़कर स्मार्ट मीटर ले आईं। प्रदर्शनकारी औरतों का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटिर से बिल बहुत ज्यादा आ रहा है।

यूपी में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ गया है। अब इस मामले में महिलाओं ने भी मोर्चा खोल दिया है। लखनऊ से मेरठ तक महिलाओं ने बिजली दफ्तरों पर धावा बोला। राजधानी लखनऊ में इंदिरा नगर स्थित पावर हाउस पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज महिलाओं ने पावर हाउस का घेराव करते हुए मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और असिस्टेंट इंजीनियर के चैम्बर में धरने पर बैठ गईं। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से मौके पर हड़कंप मच गया। महिलाओं का आक्रोश इतना ज्यादा था कि अधिकारी और कर्मचारी दफ्तर छोड़कर बाहर निकल गए।
लखनऊ में स्मार्ट मीटर के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं AIDWA की मधु गर्ग ने आरोप लगाया कि पुलिस की धमकी देकर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां बिजली का बिल करीब 500 रुपए आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह बढ़कर 1500 से 2000 रुपए तक पहुंच गया है। इससे घरों का बजट बिगड़ गया है और आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। महिलाओं ने मांग की कि स्मार्ट मीटर तुरंत हटाए जाएं और पुराने सिस्टम को बहाल किया जाए। करीब तीन घंटे तक पावर हाउस को घेरे रखा। समस्याओं पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद महिलाओं ने प्रदर्शन समाप्त किया।
मेरठ में स्मार्ट मीटर उखाड़ प्रदर्शन
वहीं मेरठ के मोहनपुरी इलाके में प्रीपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ आक्रोशित महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मीटर लगने के बाद अनाप-शनाप बिल आ रहे हैं और रिचार्ज जल्दी खत्म हो रहा है। पार्षद के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रीपेड मीटर उखाड़ने के साथ उन्हें बिजलीघर पर अफसरों को सौंपने की बात रहीं है। कहा कि उनके यहां पहले की तरह पोस्टपेड मीटर ही लगाए जाए। मोहनपुरी इलाके में सोमवार को भी महिलाओं एकत्रित होकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ हंगामा किया। महिलाओं ने मोहल्ले में स्मार्ट मीटरों को उखाड़ना शुरू कर दिया।
हजारों के रिचार्ज के बाद भी बिल माइनस आ रहा
महिलाओं की शिकायत है कि एक महीने में हजारों का रिचार्ज करने के बाद भी बिल माइनस में आ रहा है और उन्हें बार-बार रिचार्ज कराना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि वे प्रीपेड मीटर को बर्दाश्त नहीं करेंगे और उनके घरों पर पुराने मीटर वापस लगाए जाएं। महिलाओं ने नारेबाजी की और कहा मीटर अफसरों को सौंप कर आएंगी।
स्मार्ट मीटर उखाड़ना गैर कानूनी- मुख्य अभियंता
मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम रजनीकांत मिश्रा ने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा मीटरों को उखाड़ना गैरकानूनी है। उपभोक्ता कानून हाथ में न ले। मीटर को लेकर निर्णय शासन स्तर पर होना है। थोड़ा धैर्य रखें। सब्र से काम लें। मीटरों को उखाड़े नहीं, बल्कि लगे रहने दें। एक कमांड़ के जरिए इन्हीं मीटरों को पोस्टपेड-प्रीपेड में बदला जा सकता है। मीटर को लेकर भ्रांतियां है।
उपभोक्ताओं को कोई शिकायत है तो वह आए और जांच कराकर हम समाधान कराएंगे। मीटर न तेज चलता है और न ही अन्य कोई दिक्कत है। बस प्रीपेड मीटर को एडवांस रिचार्ज करना होगा। इसकी आदत बनानी होगी। प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के लिए अच्छा है और भविष्य की टेक्नॉलोजी है। दो फीसदी की छूट भी मिलती है।




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