How Will Smart Prepaid Electricity Meter Mess Be Resolved New Update Has Arrived for Consumers कैसे सुलझेगा स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर का झमेला? उपभोक्ताओं के लिए अब नया अपडेट आया, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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कैसे सुलझेगा स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर का झमेला? उपभोक्ताओं के लिए अब नया अपडेट आया

यूपी में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर और उससे जुड़ी परेशानियों का मुद्दा सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। नए बिजली कनेक्शन प्रीपेड मोड में देने का मामला अब लटक गया है। इस मामले में अब एक नया अपडेट आया है।

Sun, 26 April 2026 08:40 PMDinesh Rathour लखनऊ, विशेष संवाददाता
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कैसे सुलझेगा स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर का झमेला? उपभोक्ताओं के लिए अब नया अपडेट आया

Smart Prepaid Meter: यूपी में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर और उससे जुड़ी परेशानियों का मुद्दा सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। नए बिजली कनेक्शन प्रीपेड मोड में देने का मामला अब लटक गया है। इस मामले में अब एक नया अपडेट आया है। प्रीपेड बिजली मीटर का मुद्दा अब नियामक आयोग में ही सुलझने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की अधिसूचना को 26 दिन बीतने के बाद भी उसका उल्लंघन करके यूपी में प्रीपेड कनेक्शन ही दिए जा रहे हैं।

प्राधिकरण ने एक अप्रैल को अधिसूचना जारी करके प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी थी। पावर कॉरपोरेशन ने बीते साल सितंबर में नए कनेक्शन प्रीपेड मोड में ही दिए जाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद से यूपी में सभी उभोक्ताओं को प्रीपेड मोड में ही नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इस पर उपभोक्ताओं से कोई सहमति नहीं ली जा रही है। वहीं, विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) की व्यवस्था के मुताबिक कनेक्शन प्रीपेड मोड में लिया जाएगा या पोस्टपेड मोड में यह उपभोक्ता तय करेंगे न कि बिजली कंपनियां।

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प्रीपेड मोड में कनेक्शन देने की अनिवार्यता की थी समाप्त

हाल ही में इसी धारा के अनुरूप केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने अधिसूचना जारी करके प्रीपेड मोड में कनेक्शन देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन को अपना पुराना आदेश वापस लेकर नई अधिसूचना के मुताबिक नए आदेश करने चाहिए थे। हालांकि, अब तक ऐसा नहीं किया गया। अब नियामक आयोग को ही इस संबंध में आदेश जारी करने होंगे ताकि सीईए की अधिसूचना को यूपी में प्रभावी बनाया जा सके। बिजली संबंधी नियमों का पालन करवाने की जिम्मेदारी नियामक आयोग की ही है।

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समाप्त अधिसूचना यूपी में प्रभावी, जांच हो - उपभोक्ता परिषद

बीते साल सितंबर में प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता का आदेश जारी करते हुए पावर कॉरपोरेशन ने केंद्र सरकार की 2022 में जारी अधिसूचना का हवाला दिया था। उस अधिसूचना में नए कनेक्शन प्रीपेड मोड में ही दिए जाने की अनिवार्यता थी। वहीं, दूसरी तरफ एक अप्रैल 2026 को उस अधिसूचना में संशोधित करके कनेक्शन में स्मार्ट मीटर इस्तेमाल किए जाने की व्यवस्था की गई थी। प्रीपेड मोड की अनिवार्यता को हटा लिया गया था। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पुरानी अधिसूचना समाप्त होने के बाद भी यूपी में इसे लागू रखने पर सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि जब अधिसूचना समाप्त हो चुकी है तो उसे यूपी में जारी कैसे रखा जा सकता है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। यह उपभोक्ताओं के साथ धोखा है और उनके अधिकारों पर अतिक्रमण है। अवधेश ने कहा कि ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को इस मसले में स्वयं हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने इस मामले को नियामक आयोग भी ले जाने के संकेत दिए हैं।

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