पति की हत्या के बाद प्रेमी को ही माना सबकुछ, ननदोई संग भागी पत्नी का लुका-छिपी वाला खेल खत्म, दोनों गिरफ्तार
शाहजहांपुर जिले में 2019 में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने के बाद ननदोई संग भागी पत्नी को पुलिस ने छह साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी था।

Shahjahanpur News: यूपी के शाहजहांपुर जिले में 2019 में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने के बाद ननदोई संग भागी पत्नी का लुका-छिपी वाला खेल खत्म हो गया है। प्रेमी की मोहब्बत में महिला ने अपने ही पति की हत्या कर दी थी। इसके बाद महिला अपने ननदोई को ही सबकुछ मानकर उसी के साथ फरार हो गई थी। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का पुलिस ने इनाम भी घोषित कर रखा था। छह साल से दोनों अलग-अलग जगहों परे चोरी-छिपे रह रहे थे। रविवार को पुलिस को दोनों की क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ करेगी।
तिलहर थाना क्षेत्र के मधुबन कॉलोनी निवासी सतीश चंद्र गंगवार की 22 मई 2019 को घर में ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में सतीश के पिता लेखराज ने हत्या करने का आरोप लगाया था लेकिन पुलिस ने विसरा प्रजव होने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इसके बाद 15 दिसंबर 2019 को विसरा रिपोर्ट में सतीश को अल्कोहल के साथ जहर देने का खुलासा हुआ था। इसी दौरान लेखराज को सतीश की पत्नी सुनीता और राजनपुर गांव निवासी दामाद कपिल के बीच अवैध संबंध होने की भनक लगी थी। 25 अगस्त 2020 को सुनीता अपनी पुत्री अवंतिका को लेकर कपिल के साथ भाग गई थी। इसके बाद लेखराज ने 31 दिसंबर 2020 को सुनीता और कपिल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। फरार होने के बाद दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। अभी तक पुलिस मामला ठंडे बस्ते में डाली हुई थी लेकिन तेज तर्रार एसपी सौरभ दीक्षित ने आरोपियों को पकड़ने के कड़े निर्देश दिए। पुलिस ने रविवार को सरयू पुलिया के पास से राजनपुर गांव के कपिल गंगवार व उसकी प्रेमिका पिपरा गांव की सुनीता गंगवार को पकड़ लिया।
मृतक सतीश ने अवैध संबंधों का किया था विरोध
पुलिस के अनुसार सतीश प्रॉपर्टी बेचने का कार्य करता था। घर पर आने-जाने के कारण सतीश की पत्नी सुनीता के अपने ननदोई कपिल गंगवार से अवैध संबंध हो गए थे। इसकी जानकारी जब सतीश को हुई तो सतीश ने विरोध किया। इसके बाद सुनीता और कपिल ने साजिश के तहत सतीश को पहले भोजन व शराब में जहर दिया और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी। सतीश की मौत की कुछ दिन बाद दोनों फरार हो गए थे।
छह वर्षों से दोनों पहचान छुपा कर रह रहे थे साथ
आरोपी कपिल और सुनीता ने तिलहर से फरार होने के बाद अपनी किसी भी आईडी का प्रयोग नहीं किया। मोबाइल फोन से लेकर आधार कार्ड तक का भी कहीं प्रयोग नहीं किया और न ही अपने परिवार के किसी व्यक्ति से बात की। कपिल के पकड़े जाने के बाद पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि फरार होने के बाद वह 2 साल तक नोएडा में रहा और वहां उसने एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक के पद पर नौकरी की इसके बाद वह हिमाचल प्रदेश के सोलन के बद्दी क्षेत्र में रहने लगा यहां भी वह एक निजी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्य कर रहा था।




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