मीटर नेगेटिव बैलेंस में कटी बिजली रिचार्ज के बाद क्यों नहीं जुड़ रही? उपभोक्ता परिषद ने बताई वजह
स्मार्ट मीटर नेगेटिव बैलेंस में कटी बिजली रिचार्ज के बाद क्यों नहीं जुड़ रही? स्मार्ट प्रीपेड मीटर के कनेक्शन समय से न जुड़ पाने के पीछे असल वजह महज तकनीकी खामियां हैं।
UP News: यूपी के स्मार्ट मीटर के नेगेटिव बैलेंस में कनेक्शन कट जा रहे हैं। रीचार्ज करवाने के बावजूद नेगेटिव बैलेंस में रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर के कनेक्शन समय से न जुड़ पाने के पीछे असल वजह महज तकनीकी खामियां हैं। दो अलग-अलग पेमेंट गेटवे, मीटरिंग अवसंरचना सेवा प्रदाता (एमआईएसपी) की दस अलग-अलग मीटर डेटा प्रबंधन प्रणाली (एमडीएम) और दूरस्थ प्रबंधन प्रणाली (आरएमएस) के बीच समन्वय न होने की वजह से भुगतान अपडेट होने में विलंब हो रहा है।
स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली लागू होने के बाद प्रदेश में नेगेटिव बैलेंस वाले स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन धारकों का कनेक्शन स्वत: कट जा रहा है। जो उपभोक्ता उसके बाद रीचार्ज करवा ले रहे हैं, उनमें से तमाम के कनेक्शन फौरन जुड़ नहीं पा रहे हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कुछ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाली कंपनियां अपनी क्षमता से कमज़ोर एमडीएम सिस्टम पर ज्यादा लोड डाल रही हैं, जिसकी वजह से डेटा प्रोसेसिंग में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि जब से दिक्कत हो रही है, तब से अब कंपनियां क्षमता बढ़ा रही हैं। इससे साफ है कि पावर कॉरपारेशन ने अधूरी तैयारियों के साथ स्मार्ट मीटरिंग लागू कर दी है, जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है।
हेल्पलाइन भी विफल
अवधेश वर्मा ने कहा कि नोएडा, अयोध्या व बरेली में हुई बिजली दर की सुनवाई में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं रखी थीं। उपभोक्ताओं ने कहा था कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। पावर कॉरपोरेशन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह इन समस्याओं का समाधान करे।
18 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी गई
स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव होने की वजह से प्रदेश के 2.1 लाख घरों में बुधवार को अंधेरा रहा। बत्ती कटने के बाद विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम ने बिजली चोरी की आशंका पर छापेमरी की, जिसमें 18 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी गई है। सभी मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और जुर्माना लगाया गया है। पावर कॉरपोरेशन से मिली जानकारी के मुताबिक स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव होने की वजह से प्रदेश में लगभग 5.25 लाख स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं का कनेक्शन स्वत: कट गया। इनमें से लगभग 2.1 लाख उपभोक्ताओं ने बैलेंस रीचार्ज नहीं करवाया, जिसकी वजह से उनके घरों में अंधेरा छाया रहा। जिन उपभोक्ताओं ने मीटर रीचार्ज नहीं करवाए हैं, उनके यहां बिजली चोरी की आशंका में छापेमारी की गई। है।




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