यूपी में बिजली स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव होने से 2.1 लाख घरों में अंधेरा, टीमों ने छापेमारी भी की
यूपी में बिजली स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव होने से 2.1 लाख घरों में अंधेरा छाया है। यही नहीं बत्ती कटने के बाद विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम ने बिजली चोरी की आशंका पर छापेमारी की, जिसमें 18 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी गई है।
UP News: यूपी में स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव होने की वजह से प्रदेश के 2.1 लाख घरों में बुधवार को अंधेरा रहा। बत्ती कटने के बाद विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम ने बिजली चोरी की आशंका पर छापेमारी की, जिसमें 18 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी गई है। सभी मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और जुर्माना लगाया गया है।
उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन से मिली जानकारी के मुताबिक स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव होने की वजह से प्रदेश में लगभग 5.25 लाख स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं का कनेक्शन स्वत: कट गया। इनमें से लगभग 2.1 लाख उपभोक्ताओं ने बैलेंस रीचार्ज नहीं करवाया, जिसकी वजह से उनके घरों में अंधेरा छाया रहा। जिन उपभोक्ताओं ने मीटर रीचार्ज नहीं करवाए हैं, उनके यहां बिजली चोरी की आशंका में छापेमारी की गई। पावर कॉरपोरेशन के मुताबिक मध्यांचल, पूर्वांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल और केस्को-कानपुर में 1211 उपभोक्ता परिसरों की जांच की गई। जांच में 18 उपभोक्ता परिसरों पर अवैध रूप से बिजली का उपयोग होता पाया गया। इन सभी के विरुद्ध बिजली चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और जुर्माना लगाया जा रहा है। कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं से मीटर खातों में पर्याप्त बैलेंस रखने की अपील की है।
रीचार्ज के बाद कनेक्शन न जुड़े तो 1912 पर करें संपर्क - पॉवर कॉरपोरेशन
नेगेटिव बैलेंस की वजह से कटे कनेक्शन अगर रीचार्ज करने के बाद भी न जुड़े तो उपभोक्ताओं को 1912 पर संपर्क करने की सलाह पावर कॉरपारेशन ने दी है। कॉरपोरेशन के मुताबिक इस तरह की दिक्कतों के लिए 1912 पर इसके लिए अलग से व्यवस्था बनाई गई है। पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा ने बताया कि मीटर खाता रीचार्ज करने के बाद 95 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में कुछ ही समय में कनेक्शन जुड़ जाते हैं। हालांकि, बत्ती कटने के बाद दो घंटे में बत्ती जुड़ने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता द्वारा रीचार्ज कराते ही कनेक्शन जुड़ने का कमांड जारी हो जाता है। चूंकि कमांड कई सारे सिस्टम से गुजरता है इसलिए इसमें दो घंटे का अधिकतम समय लग सकता है। 95 प्रतिशत मामलों में तो रीचार्ज कराते ही कनेक्शन जुड़ जाते हैं, लेकिन अगर कुछ मामलों में कनेक्शन न जुड़ें तो वे 1912 पर संपर्क करें। पावर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं को हिदायत दी है कि नेगेटिव बैलेंस से ज्यादा राशि का रीचार्ज करें क्योंकि रीचार्ज राशि का 10 से 25 प्रतिशत तक एरियर में समायोजित हो जाता है।




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