धुरंधर 2 फिल्म से अतीक अहमद फिर चर्चा में, पुलिस हिरासत में हुई थी माफिया नेता की हत्या
धुरंधर 2 फिल्म से पुलिस हिरासत में मारे गए माफिया अतीक अहमद फिर चर्चा में हें। दर्शकों को ऐसा लग रहा है कि इस फिल्म में माफिया अतीक अहमद की जिंदगी से जुड़े पहलुओं को दर्शाया गया है।

यूपी के कुख्यात गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद की स्टोरी एक बार फिर चर्चा में है। इसकी वजह है फिल्म धुरंधर 2। दर्शकों को लग रहा है कि इस फिल्म में माफिया अतीक अहमद की जिंदगी से जुड़े पहलुओं को दर्शाया गया है। हालांकि फिल्म में नाम अतीक नहीं आतिफ अहमद दिखाया गया है। इस फिल्म में आतिफ अहमद का अहम किरदार है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे आतिफ अहमद जेल में रहते हुए भी अपना पूरा नेटवर्क चलाते है। कैसे कथित नकली नोट का नेटवर्क, आतंक से जुड़े रिश्ते और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन उनकी ताकत की असली वजह थी?
अतीक अहमद कौन था
अतीक अहमद उत्तर प्रदेश के खूंखार गैंगस्टरों में बड़ा नाम था। 1962 में प्रयागराज में जन्मे अतीक अहमद ने साधारण पृष्ठभूमि से उठकर उत्तर भारत के सबसे खूंखार और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली नेताओं में से एक का दर्जा हासिल किया। अतीक के पिता हाजी फिरोज तांगा चलाते थे, लेकिन अतीक अहमद अपराधी प्रवृत्ति के थे। अति महत्वाकांक्षी होने की वजह से अतीक ने जुर्म की दुनिया में अपनी दस्तक दी। कुछ ही समय में वह क्राइम की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया। उनका सफर बहुत कम उम्र में ही शुरू हो गया था। महज 17 साल की उम्र में 1979 में उन पर एक हत्या का आरोप लगा। 1983 तक, उनकी पहली एफआईआर ने उनके लंबे आपराधिक रिकॉर्ड की शुरुआत की, जो अंततः हत्या, जबरन वसूली, अपहरण और भूमि हड़पने सहित 100 से अधिक मामलों तक फैल गया। अतीक इलाहाबाद में चांद बाबा के गिरोह पर भारी पड़ने लगा और कुछ ही समय में चांद बाबा की हत्या हो गई, जिसमें अतीक का नाम काफी सुर्खियों में आया। अब अतीक यूपी में जरायम की दुनिया का सबसे बड़ा बादशाह बन चुका था।
राजनीतिक सफर
इसके बाद अपराध की दुनिया में ताकत और दौलत कमाने के बाद अतीक अहमद ने खादी पहन ली। 1989 में अतीक अहमद में इलाहाबाद पश्चिम से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उस जीत ने सब कुछ बदल दिया। वे पांच बार विधायक बने और बाद में 2004 में फूलपुर से सांसद चुने गए। यह वही सीट थी जिसका प्रतिनिधित्व कभी जवाहरलाल नेहरू कर चुके थे। इसके साथ ही अतीक अहमद गैंगस्टर से एक बाहुबली का सांसद के तौर पर परिवर्तन किया।
अतीक का पतन ऐसे शुरू हुआ
25 जनवरी 2005 को इलाहाबाद पश्चिम सीट से तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद और उसके अशरफ समेत कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद अतीक के पतन की शुरूआत हो गई थी।
तीन युवकों ने अतीक को किया था ढेर
15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में अस्पताल के बाहर तीन युवकों ने पुलिस के सामने अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी साथ अतीक की जरायम दुनिया खत्म हो गई।




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