कौन हैं कैलाश सिंह राजपूत? राज्यपाल ने दिलाई मंत्रीपद की शपथ, लोधी समाज में रखते हैं गहरी पैठ
कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कैलाश सिंह राजपूत योगी मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं। रविवार को राजभवन में राज्यपाल ने कैलाश राजूपत को मंत्रीपद की शपथ दिलाई। 2017 से लगातार जीत दर्ज कर रहे विधायक कैलाश का लोधी समाज में गहरी पकड़ है।

Yogi Cabinet Expansion: यूपी में अब योगी मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। कैलाश राजपूत समेत छह लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली है। राजभवन में हुए शपथ समारोह में आनंदीबेन पटेल ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई। कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा क्षेत्र से विधायक कैलाश सिंह राजपूत अब मंत्री बन गए हैं। कानपुर देहात क्षेत्र में कैलाश राजपूत भाजपा के अनुभवी चेहरों में से एक माने जाते हैं।
1959 में जन्मे कैलाश राजपूत ने कानपुर के वीएसएसडी कॉलेज से एलएलबी की डिग्री ले चुके हैं। कैलाश पेशे से वकील और किसान हैं। कैलाश राजपूत की लोधी राजपूत वोटरों में अच्छी पकड़ी मानी जाती है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कैलाश राजपूत को कैबिनेट में जगह दी जा रही है, जिससे लोधी-राजपूत वोटरों को साधने में भाजपा को लाभ मिलेगा। कैलाश राजपूत की कन्नौज जिले के लोधी राजपूत समाज के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। तिर्वा और छिबरामऊ क्षेत्रों में उनकी गहरी पैठ है।
1996 में पहली बार विधायक बने थे कैलाश
कैलाश राजपूत का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है और उन्होंने जिले की अलग-अलग सीटों और पार्टियों के साथ राजनीति की है। तिर्वा विधानसभा सीट से विधायक कैलाश सिंह राजपूत ने अपने विधायक पद की शुरुआत 1996 में भाजपा के टिकट पर तिर्वा विधानसभा से जीत हासिल करके की थी। 2007 के चुनावों में उन्होंने दल बदलकर बसपा का दामन थामा और उमर्दा विधानसभा सीट (जो अब परिसीमन के बाद तिर्वा में शामिल है) से विधायक चुने गए। 2012 के चुनावों से पहले वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। उन्होंने 2012 का चुनाव सपा के टिकट पर लड़ा था, लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2017 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर तिर्वा सीट से चुनाव लड़ा और सपा के कद्दावर नेता विजय बहादुर पाल को 24,209 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। 2022 की जीत के साथ उन्होंने तिर्वा क्षेत्र में 60 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए चौथी बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया।




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