मासूम बच्ची की मौत का जिम्मेदार कौन? स्कूल के प्रबंधक और ड्राइवर पर दर्ज हुआ मुकदमा
अनन्या माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ती थी। शनिवार को छुट्टी के बाद चालक बच्चों को छोड़ने के लिए निकला। बस जर्जर हाल में थी। इसके पिछले टायरों के ऊपर वाली सीट के नीचे का फर्श टूटा हुआ था। इसमें बड़े गड्ढे के बराबर छेद था। चलती बस से बच्ची इसी फर्श के छेद में से नीचे टायरों पर गिर गई।

यूपी के कासगंज के माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल की बस के टूटे फर्श से गिरकर बच्ची की मौत के मामले में रविवार को गंगीरी थाने में स्कूल प्रबंधक व चालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रबंधक की तलाश की जा रही है। शनिवार को परिजनों ने तीन घंटे जाम लगाकर हंगामा किया था। घटनास्थल कासगंज में होने के चलते शव को कासगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। वहां पोस्टमार्टम हुआ। लेकिन, परिजन कासगंज में कार्रवाई नहीं कराना चाह रहे थे, इसलिए गंगीरी थाने में मुकदमा लिखाया गया।
अतरौली क्षेत्र के गांव मुड़ियाखेड़ा निवासी रवि कुमार वर्तमान में थाना गंगीरी के पास हुसैपुर देहमाफी में रहते हैं। इनकी सात साल की बेटी अनन्या दादों के गांव कसेर भूडिया स्थित माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ती थी। शनिवार को छुट्टी के बाद चालक बच्चों को छोड़ने के लिए निकला। बस जर्जर अवस्था में थी। इसके पिछले टायरों के ऊपर वाली सीट के नीचे का फर्श टूटा हुआ था, जिसमें बड़े गड्ढे के बराबर छेद था। रास्ते में ढोलना क्षेत्र के गांव नगला बंजारा के पास चलती बस से बच्ची इसी फर्श के छेद में से नीचे टायरों पर गिर गई। पहिये से कुचलने से उसकी मौत हो गई थी। इसके विरोध में परिजनों व ग्रामीणों ने गंगीरी चौराहे पर बस को रोककर चालक की पिटाई कर दी। जाम लगाकर प्रदर्शन किया। तीन घंटे बाद परिजन शांत हुए। रात में ही कासगंज में शव का पोस्टमार्टम हुआ। रविवार सुबह शव को दफनाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुबह से ही परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन के अधिकारी गंगीरी पहुंचे। परिजन कासगंज में मुकदमा नहीं लिखाना चाहते थे। इसलिए गंगीरी थाने में तहरीर दी गई।
स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग
पिता ने कहा कि इतनी बड़ी लापरवाही पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे स्कूल की मान्यता रद्द होनी चाहिए। इसके सभी वाहनों की चेकिंग हो। वह बिलखते हुए बोले कि मेरी बच्ची को चली गई। लेकिन, ऐसा किसी और के साथ न हो। इसके लिए सभी स्कूलों के वाहनों चेकिंग होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई करे।
आरटीओ ने दी तहरीर, शिक्षा विभाग को भेजी रिपोर्ट
मुकदमा दर्ज होने के साथ आरटीओ की ओर से भी लापरवाही के संबंध में तहरीर दी गई है। इसमें कहा है कि 2024 का बस का फिटनेस था। इसके बावजूद बस को दौड़ाया जा रहा था, जिससे बच्चों की जान जोखिम में डाली गई। वहीं, स्कूल को लेकर शिक्षा विभाग व सीबीएसई बोर्ड को भी रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है।
इलाज कराने की बजाय बच्ची को मलसई ले आया चालक
पिता रवि ने तहरीर में कहा है कि बस जर्जर अवस्था में थी। बच्ची फर्श के छेद में से नीचे गिरी तो बच्चों ने आवाज लगाई, मगर चालक ने उनकी नहीं सुनी। इसके बाद पीछे से आ रहे एक टेंपो ने ओवरटेक करके कहा कि बच्ची गिर गई है। इसके बाद उसने बस को रोका। इसके बावजूद घायल अवस्था में बच्ची का उपचार कराने के बजाय चालक वापस उसे मलसई ले आया। मलसई चौराहे पर खड़े होकर किसी बच्चे से कॉल कराया कि अनन्या को चोट लग गई है। पिता पहुंचे, तब तक बच्ची दम तोड़ चुकी थी।
पिता ने कई बार पेरेंट्स मीटिंग में की थी शिकायत
पिता का कहना है कि बस की दिक्कतों के संबंध में कई बार पेरेंट्स मीटिंग में प्रबंधक अरविंद कुमार से शिकायत की। इस दौरान बस की छत टूटने, स्टार्टटिंग, सीटों के जर्जर होने के बारे में बताया। साथ ही एक हेल्पर की जरूरत बताई। लेकिन, कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इस घटना में प्रबंधक का पूरा हाथ है। उसने जानबूझकर बस की सीटों को इतनी जर्जर अवस्था में रखा कि टूटे हुए फर्श से बच्ची गिरकर पहिये से कुचल गई। वहीं, चालक चंद्रप्रकाश ने भी कोई प्रयास नहीं किया कि ऐसी जर्जर बस में बच्चों को न ले जाया जाए। इन दोनों का यह कृत्य मानव वध की श्रेणी में आता है, जिसकी वजह से बच्ची की जान गई है।
क्या बोली पुलिस
सीओ छर्रा संजीव कुमार तोमर ने कहा कि बच्ची की मौत के मामले में स्कूल प्रबंधक और चालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। चालक को गिरफ्तार कर लिया है। उसे जेल भेजा जाएगा। प्रबंधक की तलाश की जा रही है। एक तहरीर आरटीओ की तरफ से दी गई है, जिसमें फिटनेस खत्म होने के बावजूद बस को दौड़ाने का आरोप है। इस पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा शिक्षा विभाग को भी रिपोर्ट प्रेषित की गई है।




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