खामनेई की मौत पर यूपी में प्रदर्शन, अमेरिका-इजराइल के खिलाफ लगे नारे; अलर्ट पर प्रशासन
Ayatollah Ali Khamenei News: लखनऊ में लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर छोटे इमामबाड़े और बड़े इमामबाड़े की ओर जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारे लगाए।अमेरिका-इजराइल विरोधी नारे भी गूंजे। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने रविवार को रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े पर मजलिस और विरोध प्रदर्शन बुलाया है।

Khamenei News: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत पर यूपी के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रदेश भर में पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है। लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर, सिद्धार्थनगर सहित कई शहरों में मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस निकालकर अपने गुस्से का इजहार किया। लोगों ने अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। खामनेई की मौत के विरोध में लखनऊ के हुसैनाबाद में सभी दुकानें बंद रहीं। शाही गेट से लेकर बड़े इमामबाड़े तक की दुकानों के शटर गिरे, मेडिकल स्टोर भी बंद कर दिए गए। उधर, सहारनपुर में भी शिया समुदाय के लोगों ने शोक जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जुलूस शिया मस्जिद से चौकी सराय की ओर बढ़ा जिसे पुलिस ने सुरक्षा कारणों से आधे रास्ते से वापस कर दिया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।
लखनऊ में स्थानीय शिया मोहल्लों से लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर छोटे इमामबाड़े और बड़े इमामबाड़े की ओर जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने "खामेनेई अमर रहे" के नारे लगाए, साथ ही अमेरिका और इजराइल विरोधी नारे भी गूंजे, साथ ही अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगते रहे। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद रविवार को रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े पर मजलिस और विरोध प्रदर्शन बुलाया है। इस मौके पर कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा। मौलाना जवाद ने तीन दिन के शोक की घोषणा भी की है। पुराने लखनऊ में हो रहा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और अब तक कोई हिंसा या झड़प की खबर नहीं है। इलाके में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है ताकि शांति बनी रहे। बाराबंकी का किंतूर कस्बा ऐतिहासिक रूप से ईरान के प्रथम सर्वोच्च नेता रुहोल्लाह ख़ुमैनी के परिवार से संबंधों के कारण चर्चा में रहा है। यहां रह रहे उनके परिजनों ने इस खबर को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि यह क्षति केवल ईरान की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए दुखद है।
वहीं, अलीगढ़ मुस्लिम फेटरनिटी ने जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। इमाम बाड़े से निकले जुलूस में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। मुस्लिम फेटरनिटी समुदाय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से सौंपा। रविवार दोपहर अलीगढ़ में विरोध में जुलूस निकाला गया। इमाम बाड़े से निकले जुलूस में सैकड़ों की संख्या में शिया और सुन्नी समुदाय के लोग शामिल हुए। इमामबाड़े से निकला जुलूस एएमयू सर्किल पहुंचा, जहां अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।
अलीगढ़ फेटरनिटी के सदस्य नादिर अब्बास नकवी ने कहा कि ईरान में हाल ही में हुई हिंसा की गंभीर और चौंकाने वाली वृद्धि के संदर्भ में है, जिसके परिणामस्वरूप इस्लामी गणराज्य ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई, उनके परिवार के सदस्यों की कथित शहादत हुई है। यह क्षति संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए एक क्रूर और अप्रत्याशित सैन्य आक्रमण का परिणाम बताई जा रही है। जो मानव गरिमा और संप्रभु नेतृत्व की पवित्रता का गंभीर उल्लंघन है। यह लक्षित हत्या कोई एकाकी घटना नहीं है, बल्कि एक व्यापक आक्रामक नीति का चरम रूप है, जिसने ईरान के नेतृत्व, वैज्ञानिक समुदाय, आम नागरिकों को गहराई से प्रभावित किया है। इन हमलों से व्यापक जनहानि हुई। राष्ट्रीय अवसंरचना को भारी क्षति पहुंची है। यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।य
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई की मौत के शोक में मेरठ के अब्दुल्लापुर में भी प्रदर्शन हुए। अब्दुल्लापुर में शिया समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन कर काले झंडे लहराए। इस दौरान अब्दुल्लापुर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। यह इलाका एक तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। उधर, आयतुल्ला खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरानी मीडिया द्वार किए जाने के बाद सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज क्षेत्र के शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में मौलाना शाहकार हुसैन जैदी के नेतृत्व में लोगों ने प्रदर्शन किया। मौलाना शाहकार हुसैन जैदी ने कहा कि शिया समुदाय के सबसे बड़े मौलाना अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इसकी पुष्टि ईरानी मीडिया की ओर से किया गया है। यह बहुत ही दर्दनाक है। इजराइल और अमेरिकी हुकूमत ने कायरता वाला कदम उठाया है।




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