Yogi Cabinet Expansion: सपा से निष्कासित होकर भगवा खेमे में आईं, अब मंत्री बनेंगी; कौन हैं पूजा पाल?
योगी मंत्रिमंडल के प्रस्तावित विस्तार में प्रयागराज की चर्चित नेता और कौशाम्बी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल को शामिल किया जाएगा। पूजा पाल पहली बार योगी सरकार के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनेंगी। लगातार दो बार विधायक रहीं पूजा पाल को 2017 में भाजपा लहर के बीच हार का सामना करना पड़ा था।

Yogi Cabinet Expansion: योगी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार आज होने जा रहा है। टीम योगी में छह नए चेहरे शामिल होंगे। योगी कैबिनेट का यह दूसरा विस्तार होगा। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 3.30 बजे से जनभवन में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे पूर्व शनिवार शाम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात की। उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों की सूची सौंपी। यूपी मंत्रिमंडल के प्रस्तावित विस्तार में प्रयागराज की चर्चित नेता और कौशाम्बी जनपद की चायल सीट से विधायक पूजा पाल को शामिल किया जाएगा। पूजा पाल पहली बार योगी सरकार के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनेंगी।
पति राजू पाल की हत्या हुई थी
पूजा पाल का नाम प्रदेश की राजनीति में उस समय तेजी से उभरा था, जब उनके पति और इलाहाबाद शहर पश्चिमी से बसपा विधायक रहे राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। राजू पाल ने 2004 के उपचुनाव में माफिया अतीक अहमद के भाई और सपा प्रत्याशी अशरफ को हराकर राजनीतिक हलकों में सनसनी फैला दी थी। यह जीत इसलिए भी बड़ी मानी गई क्योंकि शहर पश्चिमी सीट पर अतीक अहमद और उसके परिवार का लंबे समय तक दबदबा था।
पहली बार बसपा के टिकट पर जीतीं
राजू पाल की हत्या के बाद हुए उपचुनाव में बसपा ने पूजा पाल को मैदान में उतारा। हालांकि उन्हें हार मिली, लेकिन उन्होंने संघर्ष जारी रखा। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में पूजा पाल ने जोरदार वापसी करते हुए शहर पश्चिमी सीट जीत ली। इसके बाद 2012 में सपा के ज्योति यादव को पूजा पाल ने शिकस्त देकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित कर दी।
2022 में चायल सीट से जीतीं पूजा पाल
लगातार दो बार विधायक रहीं पूजा पाल को 2017 में भाजपा लहर के बीच हार का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। 2022 विधानसभा चुनाव में वह चायल सीट से विधायक निर्वाचित हुईं। हालांकि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के समर्थन में खड़े होने के बाद सपा नेतृत्व उनसे नाराज हो गया और 14 अप्रैल 2025 को पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद वह लगातार भगवा खेमे के करीब होती चली गईं।




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