West Asia crisis bad impact; Pidilite Industries indications for third price hike due to high raw material cost घर बनवाने से लेकर फर्नीचर तक सब होगा महंगा! आम लोगों को लगेगा बड़ा झटका? तीसरी बार कीमत बढ़ाने चली ये कंपनी, Business Hindi News - Hindustan
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घर बनवाने से लेकर फर्नीचर तक सब होगा महंगा! आम लोगों को लगेगा बड़ा झटका? तीसरी बार कीमत बढ़ाने चली ये कंपनी

आपके घरों में बनने वाले फर्नीचर, मेंटीनेंस और तमाम डेकोरेटिव आइटम में लगने वाला सामान महंगा होने वाला है। जी हां, क्योंकि फेविकोल और डॉ. फिक्सिट के दाम बढ़ने वाले हैं। पिडिलाइट (Pidilite) कंपनी ने कच्चे माल की कीमतों में उछाल आने के बाद प्राइस हाइक का संकेत दिया है।

Sun, 10 May 2026 02:49 PMSarveshwar Pathak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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घर बनवाने से लेकर फर्नीचर तक सब होगा महंगा! आम लोगों को लगेगा बड़ा झटका? तीसरी बार कीमत बढ़ाने चली ये कंपनी

अगर आप घर बनाने या मरम्मत का काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो जल्द फैसला लेना बेहतर हो सकता है, क्योंकि 'फेविकोल का मजबूत जोड़' अब थोड़ा महंगा होने वाला है। फेविकोल, डॉ. फिक्सिट और एम-सील जैसे मशहूर ब्रांड्स बनाने वाली कंपनी पिडिलाइट इंडस्ट्रीज (Pidilite Industries) ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ग्राहकों को अपनी जेब और ढीली करनी पड़ सकती है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधांशु वत्स के अनुसार, पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी करना अब कंपनी की मजबूरी बनता जा रहा है। आइए समझते हैं कि आखिर कीमतें क्यों बढ़ रही हैं और इसका आप पर क्या असर होगा?

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पश्चिम एशिया संकट और 50% महंगाई की मार

पिडिलाइट के उत्पादों को बनाने में विनाइल एसीटेट मोनोमर (VAM) जैसे रसायनों का इस्तेमाल होता है, जो सीधे तौर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) से जुड़े होते हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की वजह से कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर हैं। कंपनी के 'रॉ मटेरियल बास्केट' यानी कच्चे माल की लागत में 40% से 50% तक की भारी वृद्धि देखी गई है। कंपनी ने पहले ही अप्रैल और मई में दो बार दाम बढ़ाए हैं। अकेले फेविकोल की कीमतों में 12-15% तक की वृद्धि की जा चुकी है, लेकिन लागत इतनी बढ़ गई है कि कंपनी को फिर से कीमतें बढ़ाने पर विचार करना पड़ रहा है।

क्या कहते हैं कंपनी के एमडी?

सुधांशु वत्स का कहना है कि स्थिति हर दिन बदल रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी एक साथ बोझ डालने के बजाय धीरे-धीरे और नपे-तुले ढंग से कीमतों को बढ़ाएगी, ताकि बाजार और मांग पर बुरा असर न पड़े। अगर यह संकट लंबा खिंचता है, तो महंगाई बढ़ने से आम जनता की खरीदारी की क्षमता (डिमांड) कम हो सकती है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि यदि इस महीने तनाव कम होता है, तो स्थिति नियंत्रण में रहेगी। दिलचस्प बात यह है कि पिडिलाइट की ग्रामीण इलाकों में मांग शहरों के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ रही है, जो कंपनी के लिए एक अच्छा संकेत है।

किस पर पड़ेगा इसका असर?

कंपनी (Pidilite Industries) की संभावित प्राइस हाइक का असर सीधे उन प्रोडक्ट्स पर पड़ सकता है, जिनका इस्तेमाल घर, स्कूल, ऑफिस, फर्नीचर और कंस्ट्रक्शन कामों में रोज होता है। कंपनी के कई लोकप्रिय ब्रांड बाजार में काफी बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जाते हैं, इसलिए कीमत बढ़ने का असर आम ग्राहकों और छोटे कारोबारियों दोनों पर दिख सकता है।

प्रोडक्ट और इस्तेमालअसर
फर्नीचर, लकड़ी और कारपेंट्री में इस्तेमाल होने वाला गोंदफर्नीचर और कारपेंटर का खर्च बढ़ सकता है।
इंस्टेंट सुपर ग्लूछोटे रिपेयर और घरेलू उपयोग महंगे हो सकते हैं।
घरों की वॉटरप्रूफिंग और कंस्ट्रक्शन केमिकल्सघर की मरम्मत और निर्माण लागत बढ़ सकती है।
पाइप, लीकेज और रिपेयरिंग प्रोडक्ट्सरिपेयरिंग और मेंटेनेंस खर्च बढ़ सकता है।
आर्ट और क्रॉफ्ट प्रोडक्ट्सस्कूल और क्राफ्ट सामान महंगे हो सकते हैं।
फैक्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले एडहेसिव्सइंडस्ट्रियल प्रोडक्शन लागत बढ़ सकती है।
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इसका असर सिर्फ इन प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं रहेगा, क्योंकि फेविकोल (Fevicol) और डॉ. फिक्सिट (Dr Fixit) जैसे प्रोडक्ट्स फर्नीचर, इंटीरियर, होम रेनोवेशन और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं, इसलिए फर्नीचर बनवाना महंगा हो सकता है। घर की मरम्मत और वॉटरप्रूफिंग का खर्च बढ़ सकता है। स्कूल और ऑफिस स्टेशनरी की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

कंपनी के मुताबिक वेस्ट एशिया (West Asia) संकट के कारण कच्चे तेल से जुड़े केमिकल्स, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट लागत तेजी से बढ़ी है। अगर यह संकट लंबे समय तक जारी रहा, तो आने वाले महीनों में बाजार में और भी प्राइस हाइक देखने को मिल सकती है।

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शानदार वित्तीय नतीजे

कीमतों के दबाव के बावजूद, पिडिलाइट ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा 36.6% बढ़कर ₹584.15 करोड़ हो गया है और रेवेन्यू भी 13% उछला है। लेकिन, असली परीक्षा अब शुरू होगी, क्योंकि कंपनी को अपने मुनाफे (मार्जिन) को 20-24% के बीच बनाए रखने के लिए बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना ही होगा।

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