2017 से पहले क्या स्थिति थी? CM योगी ने 1228 नर्सिंग अफसर को नियुक्ति पत्र दिए, विपक्ष को घेरा
यूपी के 1228 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को सीएम योगी ने नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश के अंदर बदहाल स्थितियां थीं। 1947 से लेकर 2017 तक कुल 40 मेडिकल कॉलेज थे। लेकिन आज कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है। बीते 9 साल में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।

राजधानी लखनऊ में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1228 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए नर्सिंग पेशे को सेवा, संवेदना और समर्पण का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद कमजोर थी। उन्होंने बताया कि 1947 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में मात्र 40 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर इनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया गया है।
सीएम योगी ने कहा कि नर्सिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जहां रोजगार की संभावनाएं अत्यधिक हैं। मेडिकल शिक्षा महंगी हो सकती है, लेकिन नर्सिंग में डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं का प्लेसमेंट लगभग सुनिश्चित होता है। भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की मांग देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि पहले अस्पताल तो बनाए जाते थे, लेकिन वहां पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ नहीं होते थे, जिससे मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पाता था। अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। सरकार ने बंद पड़े एएनएम और जीएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को पुनः संचालित किया है। 35 एएनएम प्रशिक्षण केंद्र फिर से शुरू किए गए हैं, जबकि 31 नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के तहत लगभग सवा 9 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। इसके अलावा 14 करोड़ 28 लाख आभा डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं और 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेलीमेडिसिन सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष डेढ़ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की गई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 13 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और दो चिकित्सा संस्थानों में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ करेंगे, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हो सकें।




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