यूजीसी के नए नियमों का अध्ययन कर रहे बृजभूषण शरण सिंह, विधायक बेटे ने साफ की अपनी स्थिति
प्रतीक भूषण ने लिखा कि इतिहास के दोहरे मापदंडों पर अब गहन विवेचना होनी चाहिए जहां बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों के भीषण अत्याचारों को अतीत की बात कहकर भुला दिया जाता है जबकि भारतीय समाज के एक वर्ग को निरंतर ऐतिहासिक अपराधी के रूप में चिन्हित कर वर्तमान में प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस 2026' को लेकर स्टैंड पूछे जाने पर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि वह इसका अध्ययन कर रहे हैं और जो भी बोलेंगे बहुत सोच विचार करके ही बोलेंगे। उधर, इस मुद्दे पर उनके परिवार में ही दो तरह की स्थिति देखने को मिली है। एक ओर यूजीसी के नियमों में किए गए बदलाव वाली 31 सदस्यीय संसदीय समिति का हिस्सा ब्रजभूषण के सांसद बेटे करण भूषण सिंह थे। वहीं उनके विधायक पुत्र प्रतीक भूषण सिंह ने इस नियम को लेकर इसके उलट प्रतिक्रिया दी है।
प्रतीक ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि इतिहास के दोहरे मापदंडों पर अब गहन विवेचना होनी चाहिए जहां बाहरी आक्रांताओं और उपनिवेशी ताकतों के भीषण अत्याचारों को अतीत की बात कहकर भुला दिया जाता है जबकि भारतीय समाज के एक वर्ग को निरंतर ऐतिहासिक अपराधी के रूप में चिन्हित कर वर्तमान में प्रतिशोध का निशाना बनाया जा रहा है।
बता दें कि प्रतीक भूषण सिंह गोंडा की सदर सीट से विधायक हैं। उनका पक्ष सामने आने के बाद इस पर लोगों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। उधर, यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवाल पूछे जाने पर विधायक प्रतीक भूषण के पिता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि यूजीसी एक बड़ा और गंभीर विषय है। मैं इसका अध्ययन कर रहा हूं। जो कुछ भी बोलूंगा सोच-समझकर बोलूंगा। यह समाज से जुड़ा मुद्दा है। सामंजस्य निकलना जरूरी है।
यूजीसी के नए नियमों को लेकर शहर-शहर हो रहा विरोध
बता दें कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर इस समय देश और प्रदेश के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मंगलवार को भी लखनऊ गोरखपुर, बस्ती सहित कई जिलों में छात्रों-युवाओं ने प्रदर्शन किए। विरोध-प्रदर्शनों के इस माहौल में लोग जनप्रतिनिधियों से उनका स्टैंड पूछ रहे हैं। इसी क्रम में बृजभूषण शरण सिंह से भी इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने अध्ययन करने की बात कहकर जवाब को टाल दिया।




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