यूजीसी रेगुलेशन का शहर-शहर विरोध, रायबरेली से भी सवर्ण नेताओं को चूड़ियां भेजीं
डीडीयू गेट प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की। इस बीच कैंट थाना सहित अन्य थानों की पुलिस फ़ोर्स मौजूद रही। विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले छात्र कैंपस के मुख्य द्वार पर इक्ट्ठा हुए। उन्होंने शिक्षा बचाओ, स्वायत्तता बनाए रखो और छात्र विरोधी नीति वापस लो जैसे नारे लगाए।

UGC के नए नियमों के खिलाफ देश के कई शहरों की तरह यूपी के भी अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मंगलवार को राजधानी लखनऊ में विश्वविद्यालय के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने बैरिकेडिंग फांदी और जमकर नारेबाजी की। ‘काला कानून, वापस लो’ के नारे लगाए गए। वहीं गोरखपुर में भी यूनिवर्सिटी छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि नए नियम उच्च शिक्षा को बुरी तरह प्रभावित करेंगे। छात्रों ने विश्वविद्यालय गेट पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बस्ती में भी मंगलवार को हर्रैया तहसील क्षेत्र में छात्रों ने प्रदर्शन किया। वहीं रायबरेली से कुछ युवा कार्यकर्ताओं ने सवर्ण समाज के नेताओं को चूड़ियां भेजीं।
गोरखपुर में डीडीयू गेट प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की। इस बीच कैंट थाना सहित अन्य थानों की पुलिस फ़ोर्स मौजूद रही। विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र कैंपस के मुख्य द्वार पर इक्ट्ठा हुए। उन्होंने शिक्षा बचाओ, स्वायत्तता बनाए रखो और छात्र विरोधी नीति वापस लो जैसे नारे लगाए। छात्र नेताओं का कहना है कि नए बिल के प्रावधानों से विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णयों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ सकता है।
उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वतंत्रता ही उनकी गुणवत्ता की पहचान है। इस बिल से निर्णय लेने की शक्ति सीमित हो सकती है। वहीं, प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। विश्वविद्यालय ने कहा कि छात्रों की चिंताओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। कैंपस में सुरक्षा के मद्देनज़र अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ बस्ती में भी मंगलवार को हर्रैया तहसील क्षेत्र के सवर्ण युवाओं और छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। युवा समाजसेवी दीपांशु सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मुरादीपुर चौराहे से जुलूस निकाला, जो पुरानी तहसील होते हुए उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। हाथों में बैनर लिए युवा ‘यूजीसी एक्ट वापस लो’ और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए चल रहे थे।
भारी संख्या में युवाओं की भीड़ देखकर तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नए नियम योग्यता के बजाय जातिगत विभाजन को बढ़ावा देने वाले हैं। युवाओं ने एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह को चार सूत्री मांगपत्र सौंपा, जिसमें इन नियमों की समीक्षा और इन्हें निरस्त करने की मांग की गई है। एसडीएम ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनका ज्ञापन उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।




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