जो भी बोलूंगा…, यूजीसी के नए नियमों पर विरोध के सवाल पर क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि UGC के नए नियमों का विषय बहुत गंभीर है इसलिए मैं इसको अध्ययन कर रहा हूं। जो कुछ भी बोलूंगा बहुत सोच-समझकर बोलूंगा क्योंकि यह समाज से जुड़ा मुद्दा है। कोई सामंजस्य निकलना चाहिए तो बिना जानकारी के मैं इस पर बोलना नहीं चाहता हूं।

यूजीसी रेगुलेशन 2026 (UGC Regulation 2026) का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को गणतंत्र दिवस की धूमधाम के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। उधर, लखनऊ में भाजपा के जिलाध्यक्ष को पत्र भेजकर 10 कार्यकर्ताओं ने भी इस्तीफा दे दिया। इस बीच यूजीसी के नए नियमों को लेकर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की भी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि वह इन नियमों का अभी अध्ययन कर रहे हैं। पूरा अध्ययन करने के बाद और सारी बातें सोच समझकर ही कुछ बोलेंगे।
मीडिया से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों का विषय बहुत गंभीर है इसलिए मैं इसको अध्ययन कर रहा हूं। जो कुछ भी बोलूंगा बहुत सोच-समझकर बोलूंगा क्योंकि यह समाज से जुड़ा मुद्दा है। कोई सामंजस्य निकलना चाहिए इसलिए बिना जानकारी के मैं इस पर बोलना नहीं चाहता हूं। इस पर अगड़े समाज में हो रहे विरोध पर एक सवाल के जवाब में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मैं अपनी बात कर रहा हूं। मैं इसको अध्ययन कर रहा हूं और जो भी बोलूंगा सोच-समझकर बोलूंगा।
बृजभूषण शरण सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर कहा कि इस बारे में मेरी कोई प्रतिक्रिया नहीं है। प्रशासन ने अपना काम किया है। यदि उनकी पुरानी परंपरा रही है। ऐसा होता रहा है तो यह कोई संत बताएगा।
अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे से ब्यूरोक्रेसी और सियासी गलियारों में खलबली
बता दें कि सोमवार यानी 26 जनवरी 2026 को बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बटुक शिष्यों को चोटी पकड़कर पीटे जाने के खिलाफ अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे यूपी की ब्यूरोक्रेसी और सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से यूपी के कानपुर के रहने वाले हैं।




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