यूपी के नौकरशाहों को क्या हुआ? अनामिका से पहले ये आईएएएस अफसर भी ले चुके वीआरएस
यूपी में आईएएस अफसर अनामिका सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्त (वीआरएस) मांगा है। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए वीआरएस मांगा है। इससे पहले आइएएस अमोद कुमार, रेणुका कुमार , जूथिका पाटणकर , विकास गोठलवाल और रिग्जिन सैम्फिलभी वीआरएस ले चुके हैं।

यूपी कॉडर की वर्ष 2004 बैच की आईएएस अफसर अनामिका सिंह ने वीआरएस मांगा है। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए वीआरएस मांगा है, लेकिन बताया जा रहा है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए उन्हें अनुमति न मिलने से वह नाराज थी। नियुक्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक उनके द्वारा दिए गए आवेदन का परीक्षण किया जा रहा है। राज्य सरकार के स्तर से इसे स्वीकृत किए जाने के बाद केंद्र सरकार को वीआरएस का प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इससे पहले नवंबर 2025 में 1995 बैच के आईएएस अफसर अमोद कुमार ने वीआरएस लिया था। इससे पहले आइएएस अधिकारियों में रेणुका कुमार (1987 बैच), जूथिका पाटणकर (1988 बैच), विकास गोठलवाल और रिग्जिन सैम्फिल (2003 बैच) भी वीआरएस ले चुके हैं। ऐसे यह बात उठ रही है कि उत्तर प्रदेश के नौकरशाहों को क्या हुआ?
आईएएस अनामिका सिंह का रिटायरमेंट मार्च 2038 में है। उनकी अभी करीब 13 साल की सेवा है, लेकिन पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए वीआरएस के लिए आवेदन किया है। अनामिका सिंह मौजूदा समय में खाद्य आयुक्त के पद पर तैनात हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ समय पहले उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी। सितंबर में उन्हें बरेली का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उनका तबादला निरस्त कर खाद्य आयुक्त बना दिया गया।
8 साल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रह चुकीं आईएएस अनामिका
अनामिका करीब 8 साल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रह चुकी हैं। वह मई 2013 में पहली बार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गई थीं। इस दौरान वे मानव एवं संसाधन विकास मंत्रालय में अनु सचिव और उप सचिव के पद पर तैनात रही। नीति आयोग की निदेशक भी वह रह चुकी हैं। जुलाई 2021 में यूपी में दोबारा वापसी हुई। इसके बाद से वे बेसिक शिक्षा, महिला कल्याण जैसे अहम विभागों में तैनात रह चुकी हैं।




साइन इन