सीएम योगी की सख्ती के बाद लखनऊ में घुसपैठियों पर कार्रवाई तेज, अब ऐक्शन में एटीएस
सीएम योगी की सख्ती के बाद लखनऊ में घुसपैठियों पर कार्रवाई तेज हो गई है। अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या पर शिकंजा कसता जा रहा है। ऐक्शन में आए यूपी एटीएस ने नगर निगम को चिट्ठी भेजकर बिना देरी सफाई कर्मियों का ब्योरा मांगा है।

यूपी के लखनऊ में घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या पर शिकंजा कसता जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से सख्ती के बाद ऐक्शन में आए यूपी एटीएस ने नगर निगम को चिट्ठी भेजकर बिना देरी सफाई कर्मियों का ब्योरा मांगा है। इन सफाई कर्मियों पर दूसरे देश का नागरिक होने का शक है। महापौर सुषमा खर्कवाल और पूर्व डीजीपी भी सवाल उठा चुके हैं।
नगर निगम में सफाई कर्मचारी विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के लिए काम करते हैं। इसमें लखनऊ स्वच्छता अभियान और लायन एनवायरो के कर्मचारियों की संख्या सबसे अधिक हैं। इसमें से 5,300 कर्मचारी सफाई कर्मी के रूप में काम करते हैं, जबकि 3,000 कर्मचारी कूड़े के लिए डोर टू डोर कलेक्शन का काम करते हैं। वहीं, नगर निगम में परमानेंट और संविदा के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या करीब 3 हजार है। नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने सीधे नाराजगी जताई है।
इसके बाद यूपी एटीएस ने लखनऊ में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के बारे में जानकारी नगर निगम से मांगी है। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की तरफ से लखनऊ नगर निगम को पत्र लिखकर कचरा प्रबंधन में आउटसोर्सिंग के साथ रोजाना काम करने वाले कर्मचारी की सूचना मांगी गई है। इसके आधार पर अवैध घुसपैठियों के खिलाफ निर्णायक एक्शन लिया जाएगा। इन कर्मचारियों की प्रमाणित सूचना देने के लिए एटीएस मुख्यालय की पुलिस उपाधीक्षक ने पत्र लिखा है। इसमें सफाई कर्मचारी व उनके ठेकेदारों की सूची, निवास, पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड सहित अन्य डिटेल मांगी गई है। नगर निगम में पत्र आने के बाद सभी 8 जोन के जोनल प्रभारी और जोनल सेनेटरी ऑफिसर की तरफ से डाटा कलेक्शन का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से भी सफाई कर्मचारियों का डाटा शेयर करने के लिए नगर निगम से मांग की गई है।
नगर निगम के अधिकारियों को आ रहा फोन
यूपी एटीएस की तरफ से मांगी गई सूचना के बाद नगर निगम का महकमा पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गया है। एटीएस के अधिकारियों की तरफ से नगर निगम के अधिकारियों को फोन कर जल्द से जल्द पूरी सूचना देने की बात कही जा रही है, लेकिन अभी तक नगर निगम की तरफ से इसका डेटा एटीएस से साझा नहीं किया गया है। नगर निगम का कहना है कि उसके यहां सीधे तौर पर स्थायी या संविदा कर्मी काम नहीं कर रहे हैं। नगर निगम की तरफ से जो कार्यादारी संस्थाएं काम कर रही है उनमें काम करने वाले कर्मचारी हैं। नगर निगम की तरफ से पुलिस को यह डाटा दिया जा रहा है।




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