नाबालिग बहनों का अपहरण कर गैंगरेप, मथुरा के गेस्ट हाउस में सनसनीखेज वारदात, चार गिरफ्तार
वृंदावन की दो नाबालिग बहनों का अपहरण कर मथुरा में सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। एक ऑटो चालक ने अपने साथियों और गेस्ट हाउस कर्मी के साथ मिलकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

धर्मनगरी वृंदावन की बेटियों से मथुरा में शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात हुई है। यहां घर से निकली दो नाबालिग सगी बहनों का अपहरण कर चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऑटो चालक समेत चारों अभियुक्तों को सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला कोतवाली के अद्धा पुलिस चौकी क्षेत्र का है। दोनों बहनें एक मई को घर से अचानक लापता हो गई थीं।
परिजनों ने दोनों की काफी तलाश की लेकिन जब उनका सुराग नहीं लगा तो पिता ने उसी दिन वृंदावन कोतवाली में बेटियों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अभी उनकी तलाश कर ही रही थी कि अगले दिन दोनों बहनें किसी तरह बदहवास हालत में अपने घर पहुँचीं। घर लौटकर उन्होंने परिजनों को अपने साथ हुई दरिंदगी की जो कहानी सुनाई, उसने सबके होश उड़ा दिए।
ऑटो चालक ने बिछाया जाल, गेस्ट हाउस में हुई दरिंदगी
जांच अधिकारी कुलवीर सिंह तरार के अनुसार, घटना वाले दिन दोनों बहनें घर से निकलकर गौरी गोपाल आश्रम के पास पहुंची थीं। वहां उनकी मुलाकात समीर नाम के एक ऑटो चालक से हुई। समीर ने मदद के बहाने उन्हें अपने ऑटो में बिठाया और मथुरा के एक निजी गेस्ट हाउस ले गया।
गेस्ट हाउस पहुंचकर समीर ने अपने दो दोस्तों कृष्णा मीणा और रूपेश को भी वहां बुला लिया। दरिंदगी की इस वारदात में गेस्ट हाउस के रिसेप्शन पर तैनात शिवा भी शामिल हो गया। आरोप है कि इन चारों ने मिलकर दोनों नाबालिग बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और लड़कियों को दूर भेजने के मकसद से उन्हें मथुरा जंक्शन ले जाकर दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन में जबरन बिठा दिया।
घर वापसी और पुलिस का एक्शन
दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठने के बावजूद, दोनों बहनों ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह वापस अपने घर पहुंचने में कामयाब रहीं। घर पहुंचते ही उन्होंने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने तत्काल पुरानी गुमशुदगी के मुकदमे को गैंगरेप और पोक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं में तब्दील कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सोमवार को सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी की और कैलाश नगर की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते से चारों आरोपियों समीर, कृष्णा मीणा, रूपेश और शिवा को दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और पीड़ितों के कोर्ट में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।




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