कफ सिरप तस्करों पर शिकंजा, शुभम के काले धन का ‘इंतजाम’ करने वाले छह और गिरफ्तार
वाराणसी की कोतवाली पुलिस ने कफ सिरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के काले धन को खपाने वाले हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं, जो बर्तन कारोबारी वैभव जायसवाल के इशारे पर काम करते थे।

UP News: कफ सिरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उसके करीबियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। बुधवार को छह और आरोपी दबोचे गए। वे हवाला नेटवर्क के जरिए उसके काले धन का ‘इंतजाम’ करते थे। पकड़े गए आरोपियों में तीन राजस्थान, एक दिल्ली, एक बलिया और एक गाजीपुर का रहने वाला है। राजस्थान और दिल्ली के आरोपी वाराणसी में दुकानों पर नौकरी करते थे।
वाराणसी के कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह ने बताया कि शास्त्रीनगर (नई दिल्ली) के अशोक, बीकानेर (राजस्थान) में श्रीडूंगरगढ़ के मोहित सारस्वा, रामावतार और सेरूणा के गिरधारी को हवाला कारोबार के आरोप में पकड़ा गया। चारों आरोपी संजय नगर कॉलोनी (नाटी इमली) में रहते थे। सोनारा (दुल्लहपुर, गाजीपुर) के संतोष गिरि, देवरिया (नगरा, बलिया) के ओमप्रकाश खरवार को भी दबोचा गया।
आरोपियों ने बताया कि उनका संबंध दारानगर के बर्तन कारोबारी वैभव जायसवाल से था। उसके कहने पर वे कफ सिरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के काले धन का ‘इंतजाम’ हवाला कारोबार के जरिए करते थे। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में उप निरीक्षक अंकित सिंह, मनीष सिंह, विकास पांडेय, अजीत मौर्य, कांस्टेबल अखिलेश कुमार, नीरज मौर्य, शिवाजी चंद, शुभम सिंह, सुनीत शाही, गौरव भारती और अश्विनी कुमार हैं। आरोपियों को एफटीसी-14 की कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वैभव और अन्य आरोपियों के पास 42 लाख बरामद
एक दिन पहले मंगलवार को जेल भेजे गए दारानगर के बर्तन कारोबारी वैभव जायसवाल से पुलिस ने हवाला के साढ़े 22 लाख रुपये बरामद किए। बुधवार को पकड़े गए छह आरोपियों के पास 19 लाख 66 हजार 146 रुपये बरामद हुए। उनके पास नोट गिनने की तीन मशीनें, 10 मोबाइल फोन और दो बैग बरामद भी किए गए।
कोड वाला नोट देकर उठाते थे रुपयों की खेप
हवाला नेटवर्क से जुड़े आरोपी रुपये लाने-ले जाने के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते थे। दूसरा तरीका यह था कि वे दूसरे राज्यों के सिंडिकेट के जरिये नोट की डिलीवरी करते थे। सिंडिकेट के तार बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, त्रिपुरा, सिक्किम सहित कई जगह जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों को नोटों की खेप लाने के लिए बांग्लादेश सीमा, पश्चिम बंगाल, बिहार, त्रिपुरा और सिक्किम भेजा जाता था।
कोड के तौर पर एक, 10, 20 और 50 रुपये के नोट के नंबर का इस्तेमाल करते थे। उनके व्हाट्स ऐप पर कोड वाले नोट की फोटो भेजी जाती थी। इसके बाद वे संबंधित कोड वाला असली नोट देकर खेप उठाते थे। उसे लेकर वे यहां आते थे। शुभम जायसवाल के लोगों को कोड वाला असली नोट और रुपयों की खेप सौंप दी जाती थी। इसके अलावा सिंडिकेट के लोग दूसरे प्रदेशों से बड़ी खेप लाने के बजाय यहीं नोटों की डिलीवरी कराते थे।
एक लाख पर 10-15 फीसदी कमीशन मिलता था
हवाला कारोबार में पकड़े गए वैभव जायसवाल एवं अन्य आरोपियों को एक लाख रुपये पर 10-15 फीसदी कमीशन मिलता था। यह कमीशन प्रदेश के हिसाब से तय होता था। रुपयों की खेप लाने वाले हर व्यक्ति को कमीशन दिया जाता था। पकड़े गए छह आरोपी सेल्समैन का काम करते थे। मौका मिलते ही वे हवाला के रुपये लाते थे।
टोकन वाले नोट भी बरामद
आरोपियों के पास कोड वाले एक, ₹10, ₹20 एवं ₹50 रुपये के नोट के बंडल बरामद किए गए। इनका उपयोग हवाला लेन-देन अथवा पहचान के रूप में किया जाता था।
सपा के बड़े पदाधिकारी का भतीजा है वैभव
कफ सिरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल का करीबी बर्तन कारोबारी दारानगर निवासी वैभव जायसवाल सपा नेता का भतीजा है। उसके चाचा पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ में प्रदेशस्तर के पदाधिकारी हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
अमित सिंह टाटा और अमित यादव की सात अप्रैल को वीसी से होगी पेशी
वहीं, कफ सिरप तस्करी के आरोप में लखनऊ जेल में बंद अमित सिंह टाटा और अमित यादव की पेशी सात अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी। कोतवाली पुलिस वारंट-बी पर मंगलवार को दोनों आरोपियों को जिला जज एफटीसी-14 मनोज कुमार की अदालत में पेश करने वाली थी। सुरक्षा कारणों से पेशी नहीं होने पर प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। कोर्ट ने सात अप्रैल को दोनों आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी का आदेश दिया।




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