वाराणसी एयरपोर्ट पर 25 करोड़ का गांजा बरामद, बैंकॉक से आए तीन गुजराती युवक गिरफ्तार
वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए तीन गुजराती यात्रियों से 25.24 करोड़ रुपये का गांजा बरामद किया गया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से आए इन तस्करों के बैग से 12 पैकेट नशीला पदार्थ मिला। तीनों को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (बाबतपुर) पर वायु सीमा शुल्क (Air Customs) विभाग ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया है। बैंकॉक से एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान से आए तीन यात्रियों के पास से भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 25.24 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। पकड़े गए तीनों आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा माने जा रहे हैं।
एक्स-रे जांच और अधिकारियों की मुस्तैदी
वायु सीमा शुल्क के इंस्पेक्टर अजय सिंह यादव के नेतृत्व में यह सफल ऑपरेशन रविवार को उस समय हुआ, जब बैंकॉक से उड़ान भरकर एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान संख्या AI-216 वाराणसी एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। यात्रियों की नियमित जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों को तीन यात्रियों के व्यवहार पर संदेह हुआ। जब उनके लगेज बैग को एक्स-रे मशीन से गुजारा गया, तो स्क्रीन पर कुछ संदिग्ध और असामान्य आकृतियां दिखाई दीं।
अधिकारियों ने बिना देरी किए तीनों यात्रियों को उनके सामान सहित टर्मिनल भवन के एक सुरक्षित हिस्से में ले जाकर सघन तलाशी शुरू की। शुरुआत में यात्रियों ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब बैग के गुप्त खानों और कपड़ों के बीच छिपे पैकेटों को खोला गया, तो अधिकारी भी दंग रह गए। बैग के भीतर बहुत ही पेशेवर तरीके से पैक किए गए 12 अलग-अलग पैकेटों में हरा पदार्थ भरा हुआ था, जो जांच में उच्च श्रेणी का गांजा (Cannabis) पाया गया।
तस्करों की पहचान और सिंडिकेट का शक
पकड़े गए आरोपियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इनकी पहचान गुजरात के जूनागढ़ निवासी हिमराज रामसिंह सुंदर, अंबाबाड़ी रोड निवासी राज कांतिलाल चौहान और वडोदरा की रहने वाली हीराबेन के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बैंकॉक से इस मादक पदार्थ को भारत लाने के लिए इन्हें 'कूरियर' के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की सटीक कीमत 25,23,94,000 रुपये है। कस्टम विभाग अब इस बात की तहकीकात कर रहा है कि वाराणसी को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में क्यों चुना गया और इस माल की डिलीवरी आगे कहाँ होनी थी।
NDPS एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
इंस्पेक्टर अजय सिंह यादव ने बताया कि बरामद मादक पदार्थ को 'नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस' (NDPS) एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। बैंकॉक से लगातार हो रही तस्करी की घटनाओं को देखते हुए अब वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा और जांच का घेरा और भी सख्त कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियां अब आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड्स और ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही हैं ताकि इस रैकेट की जड़ों तक पहुँचा जा सके।




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