UP Rain Alert: यूपी में मानसून दिखा रहा तेवर, 16 में अत्यधिक; 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और पूर्वी यूपी के नजदीक से गुजर रही ट्रफ लाइन की वजह से पूर्वी यूपी में चक्रवाती सिस्टम बना है। इसके चलते रविवार की सुबह से ही आसमान में गहरे काले बादल छाए रहे। सुबह से लेकर देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही।

UP Rain Alert: यूपी में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 16 जिलों में अत्यधिक बारिश की चेतावनी और 31 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इस बीच हादसों और बाढ़ से 17 लोगों की मौतें हुई हैं। इनमें सबसे अधिक तीन कौशांबी, मीरजापुर, सुल्तानपुर में दो-दो और गाजीपुर, बदायूं, बिजनौर, बलरामपुर, महोबा, फतेहपुर, मऊ, प्रतापगढ़, अमरोहा, पीलीभीत में एक-एक की मौत हुई है।
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के 18 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल में बाढ़ की स्थिति गंभीर है। वहीं, पीलीभीत में जनता से संवाद करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की कार कीचड़ में फंस गई, जिसे बाद में बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री कार से उतरकर चंद कदम दूर स्थित आयोजन स्थल पर पहुंचे। मौसम विभाग ने 16 जिलों के लिए अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही 31 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है।
मंदाकिनी फिर उफनाई प्रशासन ने किया अलर्ट
रविवार को चित्रकूट के रामघाट में मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर चला गया। हालांकि दोपहर बाद जलस्तर नीचे आया है, लेकिन कई दुकानें डूब गईं। प्रशासन ने एहतियातन लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की हिदायत दी।
हमीरपुर में सड़क पर भरा पानी, यातायात रोका गया
हमीरपुर में यमुना-बेतवा के संगम पर स्थित सिंहमहेश्वर मंदिर तक जाने वाली सड़क पर पानी भर गया है। इसके चलते बड़े वाहनों पर रोक लगा दी गई है। उधर, फतेहपुर में बाढ़ की चपेट में आने से एक मकान ढह गया जिसमें एक वृद्ध की मौत हो गई तो एक बच्ची बाढ़ के पानी में डूब गई।
उमस के बीच बारिश ने भिगोया, दो दिन और आसार
पूर्वी यूपी में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण रविवार को दिनभर बादल छाए रहे और रात तक रिमझिम फुहारें गिरीं। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को 38.4 मिली मीटर बारिश हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और पूर्वी यूपी के नजदीक से गुजर रही ट्रफ लाइन की वजह से पूर्वी यूपी में चक्रवाती सिस्टम बना है। इसकी वजह से रविवार की सुबह से ही गोरखपुर के आसमान में गहरे काले बादल छाए रहे। सुबह से लेकर देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच 37.3 मिलीमीटर बारिश हुई है। रविवार को करीब 12 किलोमीटर की रफ्तार से पूरवा चली। हवा की नमी में 10 फीसदी का इजाफा हुआ और अधिकतम आद्रता 100 फीसदी रही।
मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री कम 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस था। बीते 24 घंटे में दिन के तापमान में करीब 4.9 डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा है।
तापमान में गिरावट
वहीं इस दरम्यान रात के तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। रविवार को न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि दिन और रात के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया गया।
वाराणसी में बारिश का रिकॉर्ड टूटा
वाराणसी में रविवार की भोर में झमाझम बारिश हुई। इससे कई जगह जलभराव हो गया। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर और ट्रॉमा सेंटर परिसर में पानी भरने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हुई। दिनभर बादलों की आवाजाही के बाद शाम को एक बार फिर बारिश हुई। बाबतपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बीते 24 घंटे में कुल 91.1 एमएम बारिश हुई। पूर्वानुमान के अनुसार अभी एक-दो दिन तक बारिश हो सकती है।
इस सीजन में रविवार को एक दिन में तीसरी सर्वाधिक बारिश हुई। इससे पहले एक जुलाई 86.8, 17 जुलाई को 92.2 और तीन अगस्त को 91.1 मिमी बारिश हुई। अनुमान है कि अगस्त के पहले पखवाड़े में करीब नौ साल बाद इतनी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले आठ अगस्त 2016 को एक दिन में 111.8 एमएम बारिश हुई थी। वहीं पूरे महीने की बात किया जाए तो 26 अगस्त 2022 तक 95 एमएम बारिश हुई थी।
इससे पहले शनिवार रात में उमस बढ़ गई थी। देर रात में बादल आसमान में आए और भोर में तीन बजे बूंदाबादी शुरू हुई। इसके बाद करीब चार बजे झमाझम बारिश हुई। सुबह करीब सात बजे तक जगतगंज, पांडेयपुर, लहुराबीर, मैदागिन, कबीर चौरा, सिगरा, अर्दली बाजार, शिवपुर, लंका और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बारिश हुई। उधर बारिश के कारण सर सुंदरलाल अस्पताल के मुख्य गेट से इमरजेंसी तक पानी लग गया था। इससे बाल रोग विभाग, ईएनटी और नेत्र रोग विभाग में आने वाले मरीजों को परेशानी हुई। सबसे ज्यादा दिक्कत इमरजेंसी के मरीजों को हुई। अस्पताल के छोटे गेट से लेकर इमरजेंसी तक पानी लगा था। हालांकि रविवार को ओपीडी बंद होने से वार्ड में भर्ती और इमरजेंसी वाले मरीज ही परेशान हुए। वहीं ट्रॉमा सेंटर के मुख्य गेट तक पानी आ गया था। यहां पर आने वाले मरीजों को पानी से ही होकर गुजरना पड़ रहा था।
आगरा में आज तेज बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने ताजनगरी आगरा में सोमवार को भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इस दिन बचाव के पूरे इंतजामों के साथ ही बाहर निकलें। जाम और जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं, वरना फंस सकते हैं। छह अगस्त तक मौसम का यही मिजाज रह सकता है।
रविवार को भी भारी बारिश के आसार जताए गए थे। सुबह से ही बादल छाए रहे। 10 बजे के आसपास पूरे शहर में कहीं रिमझिम तो कहीं फुहारों का सिलसिला चल निकला। दोपहर से लेकर शाम तक कई बार बादल झरते रहे। साथ में हल्की हवाएं चलने से मौसम शिमला और मसूरी जैसा हो गया। अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। निचला तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बारिश में जर्जर हो रही सड़कें
मानसून सीजन आगरा भर की सड़कों पर कहर बन रहा है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कें जर्जर होने लगी हैं। गहरे गड्ढे हो रहे हैं। बरसात होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है। गहराई का पता न होने के कारण आए दिन वाहन सवार चोटिल हो रहे हैं। तेज बारिश से शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हो जाते हैं। हाइवे से लेकर शहर की अंदरूनी सड़कें लबालब हो जाती हैं। ग्वालियर रोड ही नहीं शहर के अन्य इलाकों में सड़कों की स्थिति खराब है। आवास विकास कालोनी के कई सेक्टरों में सड़कों में गड्ढे हैं। लोहामंडी बोदला रोड पर डिवाइडर धंस गया है। एमजी रोड पर मेट्रो का काम चल रहा है।
टूटी सड़क पर निकलना मुश्किल
आवास विकास कालोनी से बोदला बाजार की ओर जाने वाला महत्वपूर्ण और अत्यंत व्यस्त जीवन ज्योति अस्पताल की ओर जाने वाला मार्ग दुर्दशा का शिकार है। इस पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं। गड्ढे भी इतने गहरे कि उनसे निकलकर पत्थर सड़क पर फैल गए हैं। इस मार्ग पर शनिदेव मंदिर, जैन मंदिर, तीन विद्यालय भी हैं। सेक्टर तीन व सेक्टर चार के बीच का यह मार्ग आसपास के सेक्टरों के वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बन गया है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग निकलते हैं। पूर्व पार्षद सुषमा जैन ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर इस मार्ग की दशा सुधरवाने की मांग की है।




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