UP SIR: फॉर्म मिलान को हर घर तीन बार जाएंगे बीएलओ, ऐसे होगी वोटर की पहचान की जांच
UP SIR News: उत्तर प्रदेश में 1.62 लाख बूथ लेवल अधिकारी एसआईआर के काम में लगेंगे। एसआईआर के दौरान बीएलओ फार्म लेकर मतदाताओं के घर-घर जाएंगे। हर मतदाता को अपने-अपने बूथ लेवल ऑफिसर्स को एक एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करना होगा। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 15.44 करोड़ मतदाताओं की पहचान की जांच होनी है।

UP SIR News: निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण का ऐलान कर दिया है। 28 अक्तूबर यानी आज से ही एसआईआर प्रक्रिया की कवायद शुरू हो जाएगी। एसआईआर के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) फॉर्म के मिलान और लिंकिंग के लिए लोगों के घरों में जाएंगे। यदि मतदाता घर पर उपलब्ध नहीं है या मिलान और लिंकिंग में देरी होती है, तो बीएलओ तीन बार घरों में जाएंगे। यदि उनके नाम या उनके पिता या माता के नाम 2003 की लिस्ट में नहीं थे, तो मतदाता पंजीकरण अधिकारी/सहायक इंडिकेटिव डॉक्यूमेंट्स के आधार पर पात्रता तय करेगा। आयोग के मुताबिक, मतदाता ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं।
एसआईआर की प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश में 1.62 लाख बूथ लेवल अधिकारी लगेंगे। एसआईआर के दौरान बीएलओ फार्म लेकर मतदाताओं के घर-घर जाएंगे। हर मतदाता को अपने-अपने बूथ लेवल ऑफिसर्स को एक एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करना होगा। बिहार के मामले में यह 2003 था लेकिन उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में पिछली बार हुए संशोधन के वर्ष को ध्यान में रखा जाएगा।
मतदाताओं को अपनी और अपने माता-पिता की जन्मतिथि और जन्म स्थान का पता लगाने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने होंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक 9 सितंबर को जारी अपने आदेश के तहत निर्वाचन आयोग ने आधार को भी 12 सांकेतिक दस्तावेजों की सूची में शामिल किया है।
उत्तर प्रदेश में होनी है सबसे ज्यादा मतदाताओं की पहचान
एसआईआर वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मौजूदा सूचियों का सत्यापन होगा, जिसमें करीब 51 करोड़ मतदाताओं के पहचान की गहन जांच होगी। इसमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के 15.44 करोड़ मतदाताओं की पहचान की जांच होनी है। दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल में 7.66 करोड़ मतदाता हैं।
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि किसी भी मतदान केंद्रों पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। भीड़ भाड़ से बचने के लिए ऐसा किया गया है। इसके अलावा तय किया गया है कि ऊंची इमारतों, गेटेड कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में नए पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। फाइनल सूची प्रकाशित होने के बाद भी, किसी भी वोटर या किसी भी विधानसभा का कोई भी निवासी डीएम के पास अपील कर सकता है। वह 15 दिनों के अंदर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपनी दूसरी अपील भी कर सकता है।




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