UP SIR: यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट का बिहार जैसा स्पेशल रिवीजन
बिहार की तरह अब उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मंगलवार से कवायद शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग ने इसकी घोषणा कर दी। बिहार की तरह अब उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको देखते हुए चुनाव आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। अगले साल तीन प्रदेशों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव। इससे पहले ही चुनाव आयोग एसआईआर कराए जाने की प्रक्रिया को खत्म कर लेगा। इसके लिए चुनाव आयोग यूपी में 1.62 लाख बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई। इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ घर-घर जाकर वोटर लिस्ट के एआईआर का कार्य करेंगे।
एसआईआर में मतदाता सूची में शामिल ऐसे लोग जो एक स्थान से दूसरे स्थान चले गए हैं, जिनका दो-दो स्थानों पर मतदाता सूची में नाम है, किसी मतदाता की मृत्यु हो चुकी है या फिर गलती से मतदाता सूची में किसी विदेशी व्यक्ति का नाम शामिल हो गया है तो उसे हटाया जाएगा। त्रुटि रहित शुद्ध मतदाता सूची तैयार की जाएगी। बीएलओ के साथ ही प्रदेश में 2445 रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) व एईआरओ की तैनाती की गई है। सभी 75 जिलों में डीएम जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। बतादें कि बीते दिनों चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। एक हजार मतदाता पर एक पोलिंग बूथ बनाया गया है। वहीं राजनीतिक दलों की ओर से 1.92 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) बनाए गए हैं। फिलहाल चुनाव आयोग वर्ष 1951 से लेकर वर्ष 2004 तक आठ बार एसआईआर कर चुका है। अब 21 वर्ष बाद फिर से एसआईआर किया जाएगा।
फरवरी तक चलेगा एसआईआर का कार्यक्रम
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि एसआईआर कार्यक्रम की प्रक्रिया फरवरी के पहले सप्ताह तक चलेगा। इस दौरान 154424 निर्वाचक, 162486 पोलिंग स्टेशन, 192986 राजनीतिक दल, 2445 ईआरओ/एईआरओ और 321 जिला चुनाव अधिकारी शामिल हैं। आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश की सूची में इस समय पंद्रह करोड़ 44 लाख चौबीस मतदाता शामिल हैं। एसआईआर के दूसरे चरण की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया, जिन प्रदेशों में एसआईआर कराया जाना है उनकी वर्तमान सूचियों को 'आज आधी रात से फ्रीज' कर दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि अब एसआईआर का काम पूरा होने से पहले इन जगहों की सूची में कोई नया नाम काटा या जोड़ा नहीं जाएगा।
कल से शुरू होगी एसआईआर की प्रक्रिया
आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि एक परिवार को मत एक ही मतदान केंद्र पर हो ताकि मतदाताओं को अपने मत का प्रयोग करने में आसानी हो सके। आयोग ने कहा कि एसआईआर के दूसरे चरण की शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी। इस दौरान 28 अक्टूबर से तीन नवंबर तक प्रिंटिंग और ट्रेनिंग का कार्य होगा। इसके बाद घर-घर जाकर गणना चरण का कार्य किया जाएगा, जिसकी तारीख चार नवंबर से चार दिसंबर तक तय की गई है। उसके बाद नौ दिसंबर को मतदाता सूची का प्रकाशन और मसौदा तैयार किया जाएगा। चुनाव आयोग ने नौ दिसंबर से आठ जनवरी 2026 तक आपत्ति की अवधि को निर्धारित किया है। वहीं, नौ दिसंबर से 31 जनवरी, 2026 तक चुनाव आयोग द्वारा सुनवाई और सत्यापन का कार्य किया जाएगा। सात फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।




साइन इन