पत्नी ने डांस करना नहीं छोड़ा तो पति ने गला घोंटकर की हत्या, पुलिस को फोन कर बताया कहां फेंक आया शव
यूपी के उन्नाव में माखी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। डांसर पत्नी ने समझाने के बाद भी डांस करना नहीं छोड़ा तो पति ने गला घोट कर हत्या कर दी। पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

यूपी के उन्नाव में माखी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। डांसर पत्नी ने समझाने के बाद भी डांस करना नहीं छोड़ा तो पति ने गला घोट कर हत्या कर दी। पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। माखी के रूपऊ गांव निवासी बालकिशन पुत्र रामनरेश की शादी करीब दो साल पहले सदर कोतवाली क्षेत्र के सरैया गांव की रहने वाली माधुरी के साथ हुई थी। बालकिशन को पता चला कि माधुरी डांसर है और वह शादियों व कार्यक्रमों में डांस करती है।
बालकिशन के मना करने पर भी जब माधुरी नहीं मानी तो दोनों में अक्सर विवाद होने लगा। मामला बढ़ा तो माधुरी मायके चली गई। गुरुवार को बालकिशन ने बहाने से माधुरी को बुलाया और फिर उसके ही दुपट्टे से गला घोट कर शव नहर की पटरी किनारे फेंक घर चला गया। इसके बाद उसने देर रात डायल-112 पर फोन करके पुलिस को वारदात की सूचना दी और अपना जुर्म कबूल कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका की मां की तहरीर पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
घर बसाने की आस में खुद ही उजड़ गई डांसर माधुरी
कहते हैं कि उम्मीद इंसान को मौत के मुंह से भी बाहर निकाल लाती है, लेकिन माधुरी के लिए यही उम्मीद काल बन गई। जिस पति के साथ उसने सात फेरे लिए थे, जब उसी ने गिले-शिकवे दूर करने और फिर से घर बसाने का झांसा देकर बुलाया तो माधुरी को लगा शायद उसकी ढाई साल की मासूम सृष्टि की दुनिया फिर से आबाद हो जाएगी। उसे क्या पता था कि वह अपनी जिंदगी संवारने नहीं, बल्कि मौत के आगोश में जाने के लिए कदम बढ़ा रही है।
माधुरी और बालकिशन के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। गुरुवार को जब माधुरी बाजार में पंखा खरीदने आई थी, तब बालकिशन का फोन उसके लिए एक नई शुरुआत की किरण जैसा था। आरोपी पति ने बड़े ही शातिर तरीके से 'सुलह' का नाटक रचा। उसने पुराने विवादों को भुलाकर साथ रहने का वादा किया। माधुरी, जो शायद अपनी बेटी के भविष्य और उजड़ते घर को बचाने के लिए तड़प रही थी, तुरंत उसके झांसे में आ गई।
दुपट्टे का फंदा और टूटते सपने
मुर्तजानगर से रूपऊ जाने वाले सूनसान रास्ते पर जब बालकिशन उसे ले गया, तो माधुरी के मन में शायद नए घर के सपने तैर रहे होंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस दुपट्टे को सुहाग की निशानी माना जाता है, उसी दुपट्टे को बालकिशन ने हैवानियत की हदें पार करते हुए काल का फंदा बना दिया। चंद मिनटों की उस छटपटाहट में न केवल माधुरी की सांसें थमीं, बल्कि एक मां की बेटी को पालने की हर उम्मीद भी दम तोड़ गई।
गला घुटने से महिला की चली गई थी जान
दही पुलिस ने माधुरी के शव का तीन डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में मौरावा सीएचसी डॉ. पुनीत तिवारी, हसनगंज डॉ. गौरव व असोहा सीएचसी महिला डॉ. सीमा यादव मौजूद रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई है।
मासूम बेटी के सिर से उठा मां का साया
इस पूरी वारदात में सबसे ज्यादा दर्दनाक पहलू ढाई साल की मासूम सृष्टि का भविष्य है। वह अभी इतनी छोटी है कि उसे यह भी नहीं पता कि उसकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी। माधुरी तो घर बसाने के चक्कर में अपनी जान गंवा बैठी।




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