UP SIR More than 2 crore voters who received notices are relieved from running around commission made new arrangements UP SIR: नोटिस पाए दो करोड़ से ज्यादा वोटरों को दौड़-धूप से राहत, आयोग ने की नई व्यवस्था, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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UP SIR: नोटिस पाए दो करोड़ से ज्यादा वोटरों को दौड़-धूप से राहत, आयोग ने की नई व्यवस्था

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण यानी SIR के नोटिस का सामना कर रहे दो करोड़ से अधिक मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। चुनाव आयोग ने सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए वोटरों को दौड़-धूप से राहत दी है।

Thu, 19 Feb 2026 08:35 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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UP SIR: नोटिस पाए दो करोड़ से ज्यादा वोटरों को दौड़-धूप से राहत, आयोग ने की नई व्यवस्था

यूपी चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में नोटिस पाने वाले दो करोड़ से ज्यादा वोटरों को बड़ी राहत मिल गई है। अब उन्हें इसके जवाब या दस्तावेजों को लेकर कहीं जाना नहीं होगा। चुनाव आयोग ने अब व्यवस्था दी है कि तार्किक विसंगति वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं की घर पर ही बीएलओ सुनवाई कर मामले का निस्तारण कर देंगे। नोटिस पाने वाले मतदाताओं के परिवार के सदस्य जिसमें बेटा-बेटी, पति-पत्नी, माता-पिता, भाई बहन, दादी-बाबा, चाचा व भतीजे इत्यादि भी नोटिस से संबंधित दस्तावेज दे सकेंगे। फिर विसंगति दूर कर दी जाएगी।

कौन हैं तार्किक विसंगति वाले वोटर

सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि क्योंकि तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में हैं, ऐसे में इनका मिलान तो हो ही चुका है। सिर्फ विसंगति दूर की जानी है। जो नाम, पिता के नाम, माता-पिता व बाबा-दादी की उम्र से कम अंतर के कारण हैं, उससे संबंधित दस्तावेज लेगा। वर्ष 2003 की मतदाता सूची का पेज, रिश्ते या उम्र से संबंधित साक्ष्य का दस्तावेज, आधार कार्ड व बीएलओ की अंडरटेकिंग जरूरी होगी।

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सुनवाई की फोटो खींच कर बीएलओ एप पर अपलोड किया जाएगा। घर-घर सुनवाई होने का ही नतीजा है कि अब प्रतिदिन औसतन 12 लाख से 14 लाख तक लोगों की सुनवाई हो रही है। सुनवाई के लिए कुल 13161 ईआरओ व एईआरओ को लगाया गया है। अब 4635 केंद्रों पर सुनवाई हो रही है।

2.22 करोड़ तार्किक विसंगति व 1.04 करोड़ नो मैपिंग वाले यानी कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजी जानी है। अभी तक 3.25 करोड़ लोगों को नोटिस जारी की गई है और उसमें से 1.15 करोड़ वोटरों की सुनवाई हो चुकी है। मतदाताओं को सुनवाई के लिए दूरदराज न दौड़ना पड़े इसलिए अधिकारियों को लोगों के घर के आसपास के क्षेत्र में सुनवाई के लिए जाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं औरैया ने अभी तक 90 प्रतिशत लोगों की नोटिस पर सुनवाई कर ली है। वह सबसे आगे चल रहा है।

चार दिनों में 45 लाख नोटिसों पर सुनवाई

जिन मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है, अब उनकी सुनवाई में तेजी लाई गई है। बीते तीन दिनों में ही 35 लाख नोटिसों पर सुनवाई की गई। 5 फरवरी तक 30 लाख, 14 फरवरी तक 69.17 लाख और 18 फरवरी तक 1.15 करोड़ मतदाताओं की नोटिस पर सुनवाई हुई है।

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वर्ष 2003 की सूची से मिलान होने पर आधार मान्य

ऐसे लोग जिन्होंने मतदाता बनने को फॉर्म-6 भरा है। अगर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उनके माता-पिता, दादी-बाबा व नाना-नानी के नाम से मिलान हो गया है तो उनके लिए आधार कार्ड मान्य है। अगर ऐसा नहीं है तो उसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, अंकतालिका सहित 13 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज देना होगा।

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