UP SIR: आजम खां की सीट रामपुर पर कटे सर्वाधिक वोट, 2027 के चुनाव में घट सकता है हार-जीत का अंतर
यूपी एसआईआर यानी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम पूरा होते ही सियासी हल्कों में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष एसआईआर में वोटों की कटौती और बढ़ोत्तरी पर संतुष्ट है।

UP SIR: यूपी एसआईआर यानी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम पूरा होते ही सियासी हल्कों में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष एसआईआर में वोटों की कटौती और बढ़ोत्तरी पर संतुष्ट है, वहीं विपक्ष उसी भूमिका में शुक्रवार को नजर आया, जैसा एसआईआर की शुरुआत में था। विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि भाजपा जो चाहती थी, वही हुआ। आगामी विस चुनाव में एसआईआर का असर साफ दिखाई देगा। मालूम हो कि रामपुर में 2.16 लाख वोट कट गए हैं। सर्वाधिक, सपा के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खां की कभी परंपरागत सीट कहे जाने वाले रामपुर शहर विस क्षेत्र में 72 हजार वोट कटे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि 2027 के विस चुनाव में हार-जीत का अंतर घट जाएगा।
यूं तो रामपुर में शहर, स्वार, चमरौआ, मिलक और बिलासपुर पांच विधानसभा सीटें हैं। लेकिन, दो सीटें यहां वीआईपी सीट हैं। रामपुर शहर विस सीट आजम की परंपरागत सीट रही है। इस सीट पर आजम खां सर्वाधिक 10 बार विधायक चुने गए हैं। पहली बार वर्ष 1980 में आजम खां यहां से विधायक चुने गए। वह सिर्फ 1996 में कांग्रेस के अफरोज अली खां से पराजित हुए थे। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद आजम ने इस सीट से इस्तीफा दिया और उप चुनाव में अपनी पत्नी तजीन फात्मा को विधायक बनवाया।
2022 में जेल में रहकर चुनाव जीते थे आजम
वर्ष 2022 में वह सीतापुर की जेल में रहकर विस चुनाव लड़े और जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रहे आकाश सक्सेना को करीब 55 हजार मतों के अंतर से पराजित किया था। हालांकि, बाद में उनकी विधायकी चली गई और आकाश सक्सेना चुनाव जीत गए थे। दूसरी वीआईसी सीट बिलासपुर है। यहां से दो बार बलदेव औलख लगातार चुनाव जीते हैं और योगी सरकार में वह दूसरी दफा राज्यमंत्री हैं। अब जब एसआईआर के बाद आंकड़े जारी हुए हैं तो सर्वाधिक वोटों की कटौती रामपुर शहर विस क्षेत्र में हुई है। रामपुर सीट पर एसआईआर से पूर्व में 3.92 लाख वोटर हुआ करते थे लेकिन, अब 3.20 लाख संख्या रह गई है।
एसआईआर से पहले और अब कहां कितने मतदाता
| विधानसभा | सीट | बीते वर्ष | अब अंतर |
|---|---|---|---|
| स्वार | 317164 | 287894 | 29270 |
| चमरौआ | 318720 | 279590 | 39130 |
| बिलासपुर | 359260 | 327102 | 32158 |
| रामपुर | 392948 | 320090 | 72858 |
| मिलक | 369649 | 326397 | 43252 |
| कुल | 1757741 | 1541073 | 216668 |
बोले माननीय
राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने बताया, हम बिलासपुर की बात करें तो करीब आठ हजार वोटर ऐसे मिले जिनका निधन हो चुका था, आठ से नौ हजार डुप्लीकेट वोटर थे और बाकी शिफ्ट हुए हैं। अत: आगामी चुनावों में इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर का कहना है कि चुनाव आयोग का काम वोट जोड़ना था जो अब बदलकर वोट काटना हो गया है। अब देखना यह है कि काटे गए वोट सही हैं या गलत। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।




साइन इन