यूपी एसआईआर: महिलाओं के ज्यादा नाम कटे, इन जिलों में सबसे ज्यादा घट गए वोटर
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम सूची जारी कर दी गई है, जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ से घटकर 13.39 करोड़ रह गई है। इस अभियान में कुल 2.04 करोड़ वोटरों के नाम कटे हैं, जिनमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक है।

UP News: यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) से 2.04 करोड़ मतदाता घटे हैं। पहले मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे और अब यह घटकर 13.39 करोड़ रह गए हैं। मतदाता सूची में 7.30 करोड़ पुरुष व 6.09 करोड़ महिला मतदाता हैं। 54.54 प्रतिशत पुरुष व 45.46 महिला मतदाता प्रतिशत हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के ज्यादा नाम कटे हैं। सबसे ज्यादा 9.14 लाख मतदाता लखनऊ में घटे हैं। वहीं प्रयागराज में 8.26 लाख, कानपुर में 6.87 लाख, आगरा में 6.37 लाख और गाजियाबाद में 5.97 लाख मतदाता घटे हैं।
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को लोकभवन के मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची जारी की। एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची में 13.24 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। यूपी में 166 दिन एसआईआर की प्रक्रिया चली। एसआईआर शुरू होने पर कुल मतदाता 15.44 करोड़ थे। फिर 4 नवंबर 2025 से गणना चरण शुरू हुआ और यह 26 दिसंबर 2025 तक चला। जिसमें 2.89 करोड़ मृत, स्थानांतरित व डुप्लीकेट मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया।
6 जनवरी 2026 को 12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी हुई। फिर 6 मार्च से दावे व आपत्तियां मांगी गईं। लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरे, नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरे गए। ड्राफ्ट मतदाता सूची में 1.04 करोड़ लोगों के नाम का मिलान अपने माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी से न होने और 2.22 करोड़ तार्किक विसंगति वाले वोटरों को नोटिस दी गई। 27 मार्च तक नोटिस पर सुनवाई कर मामले निस्तारित किए गए।
मतदाता सूची में 84.28 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए और 8.15 लाख मतदाताओं के नाम कटे। जिसमें से 3.50 लाख लोगों का नोटिस का सही से जवाब व दस्तावेज न दे पाने, 3.28 लाख अनुपस्थित, 79076 डुप्लीकेट, 55865 मृत, कम उम्र व भारतीय नागरिक न होने पर 2269 नाम काटे गए। ऐसे में अब कुल गुणा-भाग के बाद एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची में 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम घटे हैं और अब कुल 13.39 करोड़ मतदाता हैं।
जिले में 15 दिनों के अंदर कर सकेंगे आपत्ति
एसआईआर के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची पर 15 दिनों के अंदर जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में आपत्ति कर सकेंगे। अगर यहां के निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं तो 30 दिन के भीतर सीईओ कार्यालय में आपत्ति की जा सकती है। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 व संशोधन के लिए फॉर्म-8 अभी भी भरे जा सकते हैं।
आंकड़ों में यूपी की अंतिम मतदाता सूची
कुल मतदाता - 13.39 करोड़
पुरुष मतदाता - 7.30 करोड़
महिला मतदाता - 6.09 करोड़
थर्ड जेंडर - 4206
18-19 आयु वर्ग के मतदाता - 17.63 लाख
पुरुष मतदाता प्रतिशत - 54.54 प्रतिशत
महिला मतदाता प्रतिशत - 45.46 प्रतिशत
थर्ड जेंडर प्रतिशत - 0.01 प्रतिशत
18-19 आयु वर्ग के मतदाता प्रतिशत - 1.32 प्रतिशत
लिंगानुपात - 834
महिलाओं के ज्यादा नाम कटे, लिंगानुपात घटकर 834 हुआ
यूपी में एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची में लिंगानुपात 834 हो गया है। 27 अक्तूबर 2025 को एसआईआर शुरू किए जाने की घोषणा के समय लिंगानुपात 877 था यानी 1000 पुरुष पर 877 महिलाएं थीं। फिर ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी हुई तो यह घटकर यानी लिंगानुपात में प्रति 1000 पुरुषों 43 महिलाएं कम हो गई हैं। गणना चरण में जब 2.89 करोड़ लोगों के नाम कटे थे तो उसमें सर्वाधिक 1.54 करोड़ महिलाएं व 1.33 करोड़ पुरुष मतदाता थे। अब दावे व आपत्तियों के चरण में 8.15 लाख नाम कटे हैं। जिसमें महिलाएं ज्यादा हैं।
मतदाता सूची में महिलाओं से ज्यादा जुड़े पुरुषों के नाम
यूपी की मतदाता सूची में कुल 84.28 लाख नाम जोड़े गए हैं। जिसमें 42.27 लाख पुरुष मतदाता हैं, 42 लाख महिला मतदाता हैं, 87 थर्ड जेंडर और 18 व 19 वर्ष से अधिक आयु के 14.29 लाख मतदाता हैं। जिन जिलों में सबसे ज्यादा नाम जोड़े गए उनमें प्रयागराज में 3.29 लाख, लखनऊ में 2.85 लाख, बरेली में 2.57 लाख, गाजियाबाद में 2.43 लाख व जौनपुर में 2.37 लाख मतदाता बढ़े हैं। वहीं जिन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नाम बढ़े हैं उनमें साहिबाबाद में 82898, जौनपुर में 56118, लखनऊ पश्चिम में 54822, लोनी में 53679 और फिरोजाबाद में 47757 मतदाता बढ़े हैं।
इन पांच जिलों में घटे सबसे ज्यादा मतदाता (संख्या के आधार पर)
जिला घटे मतदाता
लखनऊ 9.14 लाख
प्रयागराज 8.26 लाख
कानपुर नगर 6.87 लाख
आगरा 6.37 लाख
गाजियाबाद 5.74 लाख
इन पांच विधानसभा सीटों पर घटे सबसे ज्यादा मतदाता (संख्या के आधार पर)
विधानसभा सीट घटे मतदाता
साहिबाबाद 3.16 लाख
नोएडा 1.83 लाख
लखनऊ उत्तर 1.54 लाख
आगरा कैंट 1.47 लाख
इलाहाबाद उत्तर 1.45 लाख
इन पांच जिलों में घटे सबसे ज्यादा मतदाता (प्रतिशत के आधार पर)
जिला घटे मतदाता
लखनऊ 22 प्रतिशत
गाजियाबाद 20.22 प्रतिशत
कानपुर नगर 19.42 प्रतिशत
गौतमबुद्ध नगर 19.33 प्रतिशत
मेरठ 18.79 प्रतिशत
इन पांच विधानसभा सीटों में घटे सबसे ज्यादा मतदाता (प्रतिशत के आधार पर)
जिला घटे मतदाता
लखनऊ कैंट 34.18 प्रतिशत
इलाहाबाद उत्तर 34.01 प्रतिशत
लखनऊ पूर्वी 31.01 प्रतिशत
लखनऊ उत्तर 31 प्रतिशत
आगरा कैंट 30.47 प्रतिशत
सर्वाधिक लिंगानुपात वाली पांचों विधानसभा लखनऊ की
यूपी में प्रति 1000 पुरुषों पर सर्वाधिक संख्या में महिलाएं जिन पांच विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक हैं, वह सभी लखनऊ की हैं। यहां का लिंगानुपात प्रदेश के भी लिंगानुपात से अधिक है। सबसे अधिक 975 लिंगानुपात लखनऊ पूर्वी सीट पर है।
विधानसभा सीट लिंगानुपात
लखनऊ पूर्वी 975
लखनऊ कैंट 952
लखनऊ मध्य 950
लखनऊ उत्तर 934
लखनऊ पश्चिम 923
मतदाता बनने को अभी भी पर्याप्त मौका
यूपी की जो मतदाता सूची में शुक्रवार को जारी हुई है, अगर उसमें आपका नाम नहीं है तो घबराइए नहीं। अभी आप आराम से फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। यूपी का विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में होगा। ऐसे में चुनाव नामांकन के एक हफ्ते पहले तक नाम जुड़वाने को आवेदन का अवसर दिया जाता है। नाम कटवाने को फॉर्म-7 व संशोधन के लिए फॉर्म-8 भी भर सकते हैं।
यूपी में गुजरात से कम घटे मतदाता
यूपी के साथ कुछ अन्य राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया हुई। यूपी में अगर 13.24 प्रतिशत मतदाता घटे हैं तो गुजरात में 13.40 प्रतिशत मतदाता घटे हैं। छत्तीसगढ़ में 11.77, तमिलनाडु में 11.55, गोवा में 10.76, केरलम में 3.22, राजस्थान में 5.74, मध्य प्रदेश में 5.97 और पुड्डुचेरी में 7.57 प्रतिशत मतदाता घटे हैं।
साहिबाबाद ऐसी सीट जहां सर्वाधिक बढ़े व घटे मतदाता
यूपी में गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसभा सीट ऐसी है, जहां पर सर्वाधिक मतदाता बढ़ने व घटने दोनों का अद्भुत संयोग है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों में से साहिबाबाद सीट ऐसी है जहां सबसे ज्यादा 82898 मतदाता बढ़े हैं। वहीं मतदाताओं के नाम काटे जाने के मामले में साहिबाबाद सीट ही ऐसी है जहां सभी विधानसभा सीटों में सर्वाधिक 3.16 लाख मतदाताओं के नाम घटे भी हैं।




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