यूपी में कब होंगे पंचायत चुनाव? पिछली बार 4 चरणों में पड़े थे वोट; इस बार क्या है तैयारी
इस बार अप्रैल से लेकर जुलाई के बीच कभी भी पंचायत चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। पहले ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव होगा। पंचायत चुनाव को लेकर यूपी में पश्चिम से पूरब तक हलचल तेज हो गई है।
UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी जोर शोर से चल रही है। अनंतिम मतदाता सूची आ चुकी है। दावे और आपत्तियां ली जा रही हैं। यह काम 20 फरवरी तक चलेगा। 28 मार्च को फाइनल मतदाता सूची आनी है जिसके लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। कल ही राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सभी डीएम को पत्र लिखकर सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह आगे तय समय-सारिणी के अनुसार मतदाता सूची तैयार कराएं। इसके लिए 28 मार्च तक सार्वजनिक अवकाश में मतदाता सूची से जुड़े कामों वाले कार्यालयों को खोला जाए। वहीं सोमवार को ही प्रदेश के पंचायती राज विभाग के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बयान में जल्द पंचायत चुनाव की तारीखें सामने आने का संकेत दिया। वैसे चर्चा है कि अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच चुनाव कराए जा सकते हैं। तभी तारीखों की घोषणा भी की जाएगी। पिछली बार यानि 2021 में यूपी में अप्रैल महीने में चार चरणों में (15, 19, 26 तथा 29 अप्रैल को) पंचायत चुनाव हुए थे।
इस बार अप्रैल से लेकर जुलाई के बीच कभी भी पंचायत चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि पहले ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव होगा। पंचायत चुनाव को लेकर यूपी में पश्चिम से पूरब तक हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक पार्टियों की भी इस चुनाव पर नजर है।
26 मार्च 2021 को जारी हुई थी अधिसूचना
राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए पिछली बार 26 मार्च 2021 को अधिसूचना जारी की थी। ग्राम प्रधान, ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य के चार पदों के लिए एक साथ मतदान कराए गए थे। एक जिले में इन चारों पदों के लिए एक बार में ही चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाई गई थी।
चार चरणों में होने वाले इन चुनावों के तहत मतदान 15 अप्रैल, 19 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। मतगणना दो मई को हुई थी। कोरोना की वजह से पंचायत चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न करवाने में विलंब हुआ था। आरक्षण और सीटों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग के पास समय सीमा काफी कम बची थी इसलिए ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत औेर जिला पंचायत सदस्यों के चारों पदों के चुनाव एक महीने की सीमित अवधि में करवाया गया था। इन चारों पदों की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मई में ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष चुनाव करवाए गए। ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव क्षेत्र और जिला पंचायतों के चुने हुए सदस्य ही करते हैं।




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