यूपी पंचायत चुनाव: इस जिले में 6.22 प्रतिशत मतदाताओं की संख्या बढ़ी, पीछे रहे ये 2 ब्लॉक
UP Panchayat Elections: यूपी पंचायत चुनाव के लिए तैयारियां चल रही है।पंचायत चुनाव की इसी तैयारियों के तहत गोंडा जिले की आई ड्राफ्ट सूची में जिले में मतदाताओं की संख्या में औसतन 6.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

यूपी पंचायत चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही है। पंचायत चुनाव अप्रैल-मई में प्रस्तावित है। इसी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत 23 दिसंबर को गोंडा जिले की निर्वाचक नामावली का अनन्तिम प्रकाशन(ड्राफ्ट सूची) कर दिया गया है। निर्वाचन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार पूरे जिले में मतदाताओं की संख्या में औसतन 6.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन झंझरी और इटियाथोक ब्लॉक इस मामले में काफी पीछे रह गए हैं। जानकारों का मानना है कि इन दोनों ब्लॉकों में जन जागरूकता की कमी और मतदाता पुनरीक्षण अभियान में अपेक्षित सहभागिता न होने के कारण वृद्धि बेहद कम रही।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में झंझरी ब्लॉक की मतदाता सूची में 2,19,134 नाम दर्ज थे, जो अनन्तिम प्रकाशन में बढ़कर 2,23,094 हो गए। इस प्रकार यहां मात्र 3,960 मतदाताओं की वृद्धि हुई, जो प्रतिशत के रूप में केवल 1.80 प्रतिशत है। इसी तरह इटियाथोक ब्लॉक में 2021 में 1,68,023 मतदाता थे, जबकि अनन्तिम सूची में इनकी संख्या 1,71,144 पहुंची। यहां कुल वृद्धि 3,121 रही और प्रतिशत बढ़ोतरी सिर्फ 1.85 प्रतिशत तक सीमित रही।
इसके विपरीत कटरा बाजार, हलधरमऊ और बेलसर ब्लॉक में मतदाता संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कटरा बाजार में 11.90 प्रतिशत, हलधरमऊ में 10.72 प्रतिशत और बेलसर में 9.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में बूथ स्तर पर जागरूकता अभियान, घर-घर संपर्क और प्रचार-प्रसार अपेक्षाकृत बेहतर रहा, जिससे नए मतदाताओं का पंजीकरण अधिक संख्या में हुआ। बताया जाता हैं कि सदर तहसील क्षेत्र में करीब 50 हजार नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, जबकि इसके सापेक्ष नए नाम कम जुड़े।
स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे
गांवों तक पुनरीक्षण अभियान की जानकारी पूरी तरह न पहुंच पाना और सीमित प्रचार इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी नारायण ने बताया कि झंझरी और इटियाथोक ब्लॉक पर नए नामों को जोड़ने और डुप्लीकेट नामों को हटाया जाएगा। इसके लिए बीएलओ स्तर पर प्रशिक्षण, पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे बीएलओ को अपना आधार कार्ड नंबर अवश्य उपलब्ध कराएं, ताकि डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान हो सके और पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रह सके।




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