लखनऊ एयरपोर्ट से अयोध्या, काशी, प्रयागराज समेत छह धामों के लिए सीधी बसें, ऐसे होगी बुकिंग
लखनऊ एयरपोर्ट से अब अयोध्या, काशी, प्रयागराज, नैमिषारण्य, कुशीनगर और सारनाथ के लिए सीधी 18 एसी बसें चलेंगी। यूपी परिवहन निगम और एयरपोर्ट प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत यह सेवा इसी माह शुरू होगी।

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी) पर उतरने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार सुखद सौगात लेकर आई है। इलेक्ट्रिक सिटी बसों की सफल शुरुआत के बाद अब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) एयरपोर्ट से सीधे छह प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए लग्जरी एसी बसों का संचालन शुरू करने जा रहा है।
50 साल के करार के तहत मिली मंजूरी
एयरपोर्ट प्रशासन और परिवहन विभाग के बीच परिवहन सुविधाओं को लेकर हुए 50 वर्षीय एमओयू (AMU) के तहत यह निर्णय लिया गया है। पहले चरण में 18 नई एसी बसों को संचालित करने पर सहमति बनी है। यह बसें विशेष रूप से उन पर्यटकों को ध्यान में रखकर चलाई जा रही हैं, जो फ्लाइट से लखनऊ उतरते हैं और सीधे अयोध्या या काशी जैसे तीर्थ स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं।
इन छह धार्मिक स्थलों के लिए चलेंगी बसें
परिवहन निगम ने शुरुआती तौर पर छह रूट्स का चयन किया है, जहां हर रूट पर तीन-तीन बसों का बेड़ा तैनात रहेगा। ये बसें रामनगरी अयोध्या, बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी, संगम तीर्थ प्रयागराज, आध्यात्मिककेंद्र नैमिषारण्य यानी सीतापुर और बुद्ध सर्किट में आने वाले बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए कुशीनगर के साथ वाराणसी के सारनाथ के लिए उपलब्ध होंगे।
फ्लाइट के समय के अनुसार तय होगी सारणी
इन 18 बसों का समय इस तरह निर्धारित किया गया है कि वे विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाली फ्लाइट्स के लैंडिंग समय से मेल खा सकें। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इन 43 सीटर बसों के चालक और परिचालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे पर्यटकों के साथ बेहतर व्यवहार कर सकें और उन्हें गाइड की तरह जानकारी भी दे सकें।
ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी बुकिंग
यात्रियों की सुविधा के लिए सीटों की बुकिंग बेहद आसान रखी गई है। पर्यटक परिवहन निगम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं या एयरपोर्ट पर बने काउंटर से ऑफलाइन टिकट भी ले सकते हैं। ये बसें इसी माह से सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि परिवहन निगम के राजस्व में भी भारी वृद्धि होगी।




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