स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर घमासान के बीच नई दिक्कत, डाटा गायब, लॉगइन-रिचार्ज में मुश्किल
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बुधवार को भारी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सर्वर से उपभोक्ताओं का डाटा अचानक गायब हो गया, जिससे लोग मोबाइल ऐप से लॉगआउट हो गए और दोबारा लॉगइन करने पर 'डाटा नॉट फाउंड' का संदेश मिलने लगा।

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर मचे घमासान के बीच कई ग्राहकों का डाटा एकाएक बुधवार को गायब हो गया। अचानक आई इस तकनीकी खामी से लोग एप से खुद-ब-खुद लॉगआउट हो गए। इसके बाद लॉगइन के तमाम प्रयास किए गए लेकिन हर बार संदेश मिला कि 'डाटा नॉट फाउंड' यानी विवरण उपलब्ध नहीं है। इससे उपभोक्ता खासे परेशान रहे। खपत के आंकड़ों के नहीं मिलने से उपभोक्ता अंदाजे से ही मीटर रीचार्ज करते रहे, ताकि अचानक बिजली गुल न हो जाए।
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं को आ रही तमाम शिकायतों के बीच बुधवार को एक नई समस्या खड़ी हो गई। सर्वर से उनका डाटा ही गुम हो गया। डाटा की अनुपलब्धता की स्थिति में उपभोक्ता दिन भर अपनी बिजली खपत, मीटर खाते में बची रकम और इस तरह की अन्य जानकारियों के बारे में नहीं जान सके। अब ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के खातों में ज्यादा रकम नहीं बची थी, वे अंदाजे से ही मीटर खातों में पैसा जमा करने लगे। उन्हें डर था कि कहीं ऐसा न हो कि खातों में रकम खत्म हो जाए और उनके घर की बत्ती गुल हो जाए। मध्यांचल और पश्चिमांचल के जिलों में इस समस्या से परेशान उपभोक्ताओं की संख्या अच्छी खासी रही।
प्रीपेड में बदले गए मीटरों का डाटा नहीं मिल रहा
इसके अलावा तमाम उपभोक्ताओं ने प्रीपेड में बदले गए मीटरों का डेटा तत्काल प्रभाव से एप पर न दिखाने की भी शिकायत की है। उपभोक्ताओं ने बताया कि बिना उनकी सहमति के मीटर प्रीपेड मोड में बदल दिए गए। उसके बाद से डाटा उन्हें स्मार्ट मीटर एप पर नहीं दिखा रहा है। यह भी उपभोक्ताओं की परेशानी का सबब बना रहा। सबसे ज्यादा परेशानी लोगों को लागइन में ही हो रही है। एकाउंट नंबर डालने और पासवर्ड डालने के बाद काफी देर तर बफरिंग हो रही है लेकिन लागइन नहीं हो रहा है।
एकदम से कट गई काफी रकम
कुछ एक मामले ऐसे भी आए हैं, जिसमें उपभोक्ताओं ने एक साथ काफी रकम कट जाने की शिकायत की है। पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा ने बताया कि कुछ उपभोक्ताओं के खातों से रोज खपत की रकम नहीं कट रही थी। उनके खातों से मासिक तौर पर एक साथ रकम कट रही थी। उनकी रकम कटने की शिकायतें आई हैं। इसे दुरुस्त करवाया जा रहा है ताकि रोज-रोज की खपत के मुताबिक मीटर खातों से रकम कटे। पावर कॉरपोरेशन एमडी नितीश कुमार के अनुसार कुछ एक जगहों पर शिकायतें आई थीं। उन्हें दुरुस्त करवाया गया है।




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