स्मार्ट मीटर: 1500 बैलेंस फिर भी कट गई बिजली, जांच में मिली अनोखी गड़बड़ी
यूपी में स्मार्ट मीटर को लेकर मचे घमासान के बीच अलीगढ़ में अजब मामला सामने आया है। मीटर लगाने वालों ने यहां बड़ी लापरवाही कर दी। मामला तब खुला जब 1500 बैलेंस रहने के बाद भी घर की बत्ती गुल हो गई।

UP News: तकनीक कभी-कभी ऐसी उलझन पैदा कर देती है कि इंसान चकरा जाए। बिजली के स्मार्ट मीटर को लेकर एक तरफ लोगों का आक्रोश फूटा हुआ है। महिलाएं मीटर उखाड़-उखाड़ कर प्रदर्शन कर रही हैं। दूसरी तरफ अलीगढ़ में अगल तरह का मामला सामने आया है। यहां सासनी गेट क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की 'अनोखी' गड़बड़ी सामने आई है। इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब एक घर का बैलेंस 1500 रुपये प्लस होने के बावजूद बिजली काट दी गई। यहां दो पड़ोसी अनजाने में महीनों तक एक-दूसरे का बिजली बिल भरते रहे।
मामला मोहल्ला कृष्णा विहार का है। फरवरी माह में जीएमआर कंपनी के कर्मचारियों ने यहाँ स्मार्ट मीटर लगाए थे। लापरवाही का आलम यह रहा कि कर्मचारी कांता शर्मा और मुन्नी देवी के घरों के मीटर आपस में बदल गए। कांता शर्मा का मीटर मुन्नी देवी के घर लग गया और मुन्नी देवी का कांता शर्मा के घर।
दोनों परिवार अपने-अपने मोबाइल पर आने वाले बिल का भुगतान ईमानदारी से करते रहे, लेकिन उन्हें यह भनक तक नहीं लगी कि वे अपने पड़ोसी की बिजली का पैसा चुका रहे हैं। कांता शर्मा के बेटे संटू ने बताया कि वे नियमित भुगतान कर रहे थे, फिर भी उनका बैलेंस नेगेटिव जा रहा था।
1500 रुपये बैलेंस और अंधेरा: ऐसे खुला राज
असली ड्रामा सोमवार सुबह शुरू हुआ। मुन्नी देवी के घर की बिजली अचानक गुल हो गई। जब उन्होंने अपना स्मार्ट मीटर चेक किया, तो उसमें 1500 रुपये का पॉजिटिव बैलेंस था। पैसे होने के बावजूद बिजली कटने से परेशान परिजन मंगलवार को सासनी गेट बिजली घर पहुँचे।
अधिकारियों ने जब मीटर की फोटो और अकाउंट आईडी की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। पता चला कि मुन्नी देवी के घर में लगा मीटर असल में कांता शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड है। तकनीकी रूप से दोनों पड़ोसी एक-दूसरे के 'उपभोक्ता' बन चुके थे। जब यह सच्चाई सामने आई, तो दोनों परिवारों की हैरानी के बीच हंसी भी छूट गई।
विभाग की कार्रवाई: एजेंसी पर गिरेगी गाज
अधिशासी अभियंता पंकज तिवारी ने बताया कि जांच में एजेंसी की गंभीर लापरवाही मिली है। जीएमआर एमआईएसपी एजेंसी ने मीटर पंचिंग के दौरान अकाउंट आईडी और मीटर नंबरों को आपस में गलत फीड कर दिया था। मंगलवार को दोनों मीटरों को सही घरों में शिफ्ट कर दिया गया है। इस बड़ी त्रुटि के लिए संबंधित एजेंसी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अनजाने में एक-दूसरे के खाते में जो राशि जमा हुई है, विभाग अब उसका मिलान कर समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया कर रहा है।




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