UP SIR: फाइनल सूची के बाद कई सीटों पर ध्वस्त होंगे जीत-हार के पुराने समीकरण
उत्तर प्रदेश में आज विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। मृत और डुप्लीकेट नामों की छंटनी के बाद अब कुल मतदाताओं की संख्या करीब 13.35 करोड़ होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में आज (10 अप्रैल, 2026) का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। पिछले करीब छह महीनों से चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की मैराथन प्रक्रिया के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) जारी करेंगे। यह सूची महज आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति का वह नया 'फिल्टर' है जिसने मतदाता सूची से करीब 2 करोड़ अशुद्धियों को साफ कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में नामों के हटने से कई सीटों पर जीत-हार के पुराने समीकरण पूरी तरह ध्वस्त हो सकते हैं।
15.44 करोड़ से 13.35 करोड़ तक का सफर
इस बार की पुनरीक्षण प्रक्रिया अभूतपूर्व रही है। अक्टूबर 2025 में जब यह अभियान शुरू हुआ था, तब प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। गहन सर्वे और तकनीक के इस्तेमाल से पहले ही चरण में 2.89 करोड़ ऐसे नाम हटाए गए जो मृत थे, अन्य राज्यों में शिफ्ट हो चुके थे या जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज थे। 6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में संख्या 12.55 करोड़ थी, जिसमें दावा-आपत्तियों के बाद नए नाम जोड़ने और विसंगतियां दूर करने के बाद अब अंतिम आंकड़ा 13.35 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान है। यानी करीब दो करोड़ मतदाता अब भी पिछली सूची से कम होंगे।
पश्चिमी यूपी में सबसे बड़ी 'सफाई'
अंतिम सूची के विश्लेषण से पता चलता है कि नामों की कटौती का सबसे बड़ा प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर से सटे जिलों (नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ) में देखने को मिला है। इन क्षेत्रों में पलायन और औद्योगिक विकास के कारण बड़ी संख्या में 'शिफ्टेड' (Shifted) वोटर थे। निर्वाचन आयोग ने इस बार 2.22 करोड़ तार्किक विसंगतियों वाले नामों पर विशेष काम किया है, जिससे फर्जी मतदान की संभावना लगभग शून्य हो गई है।
युवा और महिला वोटरों का बढ़ता ग्राफ
भले ही कुल संख्या घटी हो, लेकिन नए मतदाताओं के उत्साह ने निर्वाचन आयोग को खुश किया है। अंतिम सूची के लिए करीब 86.69 लाख नए आवेदन (फॉर्म-6) प्राप्त हुए। इनमें महिला मतदाताओं का पंजीकरण अनुपात पुरुषों की तुलना में बेहतर रहा है, जो भविष्य के चुनावों में 'महिला साइलेंट वोटर' की भूमिका को और मजबूत करेगा।
आज की प्रक्रिया और असर
आज सुबह 11 बजे सभी जिला निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेंगे और उन्हें फाइनल रोल की प्रतियां सौंपेंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य के सभी चुनावों (2027 के विधानसभा चुनाव सहित) का आधार यही नई सूची होगी।




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