वृंदावन नाव हादसा: ठेकेदार-चालक गिरफ्तार, लापता को खोजने के लिए रोका यमुना का पानी
मथुरा के वृंदावन में यमुना में नाव (मोटरबोट) डूबने के मामले में शनिवार को पुलिस ने पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और मोटरबोट चालक को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को हादसे का जिम्मेदार मानते हुए गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है।

मथुरा के वृंदावन में यमुना में नाव (मोटरबोट) डूबने के मामले में शनिवार को पुलिस ने पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और मोटरबोट चालक को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को हादसे का जिम्मेदार मानते हुए गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। उधर, दूसरे दिन एक शव और यमुना से निकाला गया। अब मृतक संख्या 11 हो गई है। शुक्रवार को हादसे के बाद लापता लोगों की तलाश और डूबी हुई नाव को निकालने के लिए देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। एनडीआरएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद रात दो बजे तीस मीटर गहराई से नाव को निकाला।
शुक्रवार शाम तक लापता लोगों की संख्या पांच थी, लेकिन बाद मे एक और परिवार ने अपने बेटे के न मिलने की जानकारी प्रशासन को दी। इससे लापता लोगों की संख्या छह हो गई। शनिवार को एक और शव मिलने के बाद अब पांच लोग लापता बताए हैं। पंजाब के श्रद्धालुओं से भरी नाव शुक्रवार को केशीघाट के निकट पांटून पुल के टकराने से यमुना में डूब गई थी। हादसे में 10 लोगों की शुक्रवार को ही मौत हो गई।
हादसे के लिए माना जिम्मेदार
पुलिस ने हादसे के दूसरे दिन जिम्मेदारों पर शिकंजा करते हुए कार्रवाई की। हादसे के लिए पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और मोटरबोट चालक को जिम्मेदार माना। बिना सेफ्टी उपकरण के श्रद्धालुओं को यमुना विहार कराया जा रहा था। नाव में क्षमता से ज्यादा लोग बैठाए गए थे। ठेकेदार ने बिना सूचना जेसीबी से पांटून पुल को खिंचवाया था। लोगों के मना करने पर भी न तो काम रोका, न ही चालक आगे नाव ले जाने से रुका।
पांच लापता लोगों की तलाश के लिए यमुना में पानी रुकवाया
यमुना में नाव डूबने से लापता लोगों की तलाश के लिए हर जतन किए जा रहे हैं। दूसरे दिन लापता छह लोगों में से एक का शव मिला, जबकि पांच लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशासन ने यमुना में हरनौल एस्केप और जानी एस्केप से यमुना में आने वाले पानी को रुकवा दिया। पानी कम होने से सर्च ऑपरेशन चलाने में आसानी होगी और लापता लोगों को जल्द खोजा जा सकेगा।
यमुना में जलस्तर कुछ कम होने से खोज अभियान में आसानी रहेगी, इस लिहाज से गोकुल बैराज से कुछ पानी शुक्रवार रात को निकलवा दिया था। अब हरनौल एस्केप और जानी एस्केप से यमुना में आ रहे पानी को रुकवा दिया गया है। शुक्रवार से शनिवार शाम तक यमुना का जलस्तर करीब डेढ़ मीटर कम हुआ है। इन दोनों एस्केपों से करीब 250-250 क्यूसिक पानी रोजाना यमुना में आता है।




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