एप्स्टीन जैसा यूपी के जेई रामभवन का कांड, अमेरिका समेत 47 देशों में बेचे थे पोर्न वीडियो
रामभवन पर केस दर्ज कर छानबीन करने वाली CBI टीम जब सुरागों की कड़ियां जोड़ने लगी तो उसे भी पसीना आ गया था। पूरा मामला इन दिनों में चर्चा में चल रहे एपस्टीन कांड जैसा था। रामभवन ने ब्राजील, अमेरिका, चीन, अफगानिस्तान समेत करीब 47 देशें में बुंदेलखंड के बच्चों के पोर्न वीडियो बेचे थे।

बुंदेलखंड के 34 बच्चों के यौन शोषण व उनके पोर्न वीडियो और अश्लील तस्वीरें बनाने के सनसनीखेज मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड का फैसला सुनाया। लगभग पांच साल बाद सुनाए गए फैसले में रामभवन पर 6.45 लाख और दुर्गावती पर 5.40 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। इंटरपोल की सूचना पर सीबीआई ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। रामभवन और दुर्गावती गिरफ्तारी के बाद से अब तक जेल में ही हैं। रामभवन पर केस दर्ज कर छानबीन करने वाली सीबीआई टीम जब सुरागों की कड़ियां जोड़ने लगी तो उसे भी पसीना आ गया था। पूरा मामला इन दिनों में चर्चा में चल रहे एपस्टीन कांड जैसा था। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक शातिर रामभवन ने ब्राजील, अमेरिका, चीन, अफगानिस्तान समेत करीब 47 देशें में बुंदेलखंड के बच्चों के पोर्न वीडियो बेचे थे। एक पोर्न वीडियो डार्क वेब पर अपलोड करने पर लाखों रुपए मिलते थे।
34 बच्चों के 679 वीडियो बनाकर जेई रामभवन ने बेचे और इससे करोड़ों की कमाई की। इसमें उसकी पत्नी दुर्गावती बराबर साथ देती रही। इस साल तक यह सिलसिला चलता रहा लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इंटरपोल के माध्यम से सीबीआई तक मामला पहुंचा और आगे की कार्रवाई शुरू हुई। सीबीआई ने जांच के बाद बुंदेलखंड और उससे बाहर रामभवन का नेटवर्क खंगालने की कोशिश की पर आगे कोई सुराग नहीं मिला। पहले माना जा रहा था कि इस धंधे में कुछ हाई प्रोफाइल चेहरे सामने आ सकते हैं। लेकिन अंतत:सीबीआई ने रामभवन और उसकी पत्नी पर ही चार्जशीट फाइल की। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सभी वर्चुअल प्लेटफामर्म से बच्चों के फोटो और वीडियो डिलीट कराने में भी सीबीआई को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अब भी गारंटी के साथ नहीं कहा जा सकता कि डार्क वेब में वह सारे फोटो-वीडियो पूरी तरह डिलीट हो चुके हैं।
बच्चों की हालत देख डॉक्टर भी कांप उठे
अदालत ने बच्चों के यौन शोषण के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि रामभवन की हैवानियत ने बच्चों को मर्मांतक तकलीफ दी। किसी की आंख घूम गई तो किसी के नाजुक अंग क्षतिग्रस्त हो गए। दिल्ली एम्स में बच्चों का इलाज चला। इलाज करने वाले डॉक्टरों की टीम ने कोर्ट में गवाही भी दी, जो फैसले का आधार बनी। दरिंदगी देख डॉक्टर भी विचलित हो गए थे। कई बच्चों का पूरा जीवन नरक हो गया। बच्चों के यौन शोषण में दोषी जेई रामभवन की नौकरी 2009 में सिंचाई विभाग में लगी थी। पहले हमीरपुर, महोबा फिर चित्रकूट में उसे तैनाती मिली। इससे उसका नेटवर्क पूरे बुंदेलखंड में था। नौकरी लगने के एक साल बाद 2011 में प्रयागराज में पूर्ति निरीक्षक रहे सत्यनारायण की बेटी दुर्गावती से रामभवन की शादी हुई। इसके बाद दोनों करोड़पति बनने के सपने देखने लगे। जेई के शातिर दिमाग ने इस दुष्कृत्य की योजना बनाई।
पीड़ित बच्चों को मिलेगी क्षतिपूर्ति
फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा कि यह मामला विरल से विरलतम अपराध में आता है। ऐसे में दोनों दोषियों को मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाकर रखा जाए। जुर्माने की रकम में साक्ष्य और गवाह के रूप मे उपस्थित होने वाले बच्चों को एक-एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। साथ ही अदालत ने पीड़ित बच्चों के परिवारों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है।
2020 में दर्ज हुआ था केस
सीबीआई के सूत्रों के अनुसार इंटरपोल ने 17 अक्तूबर 2020 को मामले की एक जानकारी साझा की थी। इसमें एक पेन ड्राइव भी थी, जिसमें 34 बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो और 679 फोटो शामिल थे। सीबीआई ने नई दिल्ली में 31 अक्तूबर 2020 को केस दर्ज कराया।




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