आगरा-लखनऊ के साथ बुंदेलखंड, पूर्वांचल, दिल्ली-मुंबई और गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा यमुना एक्सप्रेसवे
यमुना एक्सप्रेसवे को देश और प्रदेश के सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, पूर्वांचल, दिल्ली-मुंबई और गंगा एक्सप्रेसवे) से जोड़ने की महायोजना पर काम शुरू हो गया है। जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली से जोड़ने के लिए रैपिड रेल (RRTS) का डीपीआर केंद्र को भेजा गया है।

उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे प्रदेश बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम आगे बढ़ाया है। प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने गुरुवार को पिकप भवन सभागार में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में एक बेहद महत्वपूर्ण खाका पेश किया गया, जिसके तहत यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के साथ-साथ बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा जा रहा है। एक्सप्रेसवे के इस महाजाल से यह पूरा क्षेत्र कनेक्टिविटी के मामले में देश का सबसे अद्वितीय हब बन जाएगा।
जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली महज 21 मिनट में, रैपिड रेल का डीपीआर मंजूर
समीक्षा बैठक में मंत्री नंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के चालू होने के साथ ही यह पूरा इलाका एक वैश्विक कार्गो हब में तब्दील होने जा रहा है। दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट की दूरी को न्यूनतम करने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना का डीपीआर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इसके अलावा, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल लाइन के तहत जेवर एयरपोर्ट टर्मिनल पर एक विशेष स्टेशन का प्रावधान किया गया है, जिससे दिल्ली से एयरपोर्ट की दूरी महज 21 मिनट में पूरी हो सकेगी। रेल मंत्रालय जेवर एयरपोर्ट और औद्योगिक सेक्टर्स को चोला-संधि रेल लाइन से जोड़ने के लिए भी डीपीआर तैयार कर रहा है।
हाथरस और टप्पल-बाजना में विकसित होंगी भव्य 'अर्बन सिटी'
यीडा अधिकारियों ने बैठक में बताया कि एक्सप्रेसवे के विस्तार के तहत अब हाथरस का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जहाँ एक आधुनिक 'अर्बन सिटी' (शहरी केंद्र) का निर्माण होगा। इसके साथ ही, टप्पल-बाजना क्षेत्र में करीब 4,700 एकड़ भूमि पर एक और भव्य अर्बन सिटी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। हाथरस के बाद यमुना एक्सप्रेसवे का विस्तार सीधे आगरा तक सुगम किया जाएगा।
औद्योगिक विकास मंत्री ने अधिकारियों को कॉर्पोरेट कल्चर अपनाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत करने और किसानों को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा ऑनलाइन फास्ट मोड में ट्रांसफर करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग देने को कहा।
लगेगी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली उत्तर भारत की सबसे बड़ी यूनिट
वर्तमान में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र औद्योगिक क्रांति का मुख्य केंद्र बन चुका है। यहाँ उत्तर भारत की सबसे बड़ी एचसीएल-फॉक्सकॉन (HCL-Foxconn) सेमीकंडक्टर चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इसके अतिरिक्त, जेवर क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बन रहा है।
टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, डेटा पार्क और एमएसएमई पार्क जैसे विशिष्ट औद्योगिक पार्कों के विकास से निवेश का एक बेहतरीन और सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है। इससे आने वाले वर्षों में विनिर्माण (Manufacturing) और निर्यात को भारी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह और इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




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