कंगना रनौत के मामले में नया मोड़, केस करने वाले अधिवक्ता को ही मानहानि का नोटिस
फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत से जुड़े कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। कंगना रनौत की सुप्रीम कोर्ट की वकील अनसूया चौधरी ने केस करने वाले आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा को मानहानि और गलत तथ्य प्रसारित करने का आरोप लगाते हुए एक कानूनी नोटिस भेजा है।

कंगना रनौत से जुड़े प्रकरण में एक नया मोड़ आया है। फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत का प्रतिनिधित्व करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनसूया चौधरी ने अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा को मानहानि, गलत तथ्यों के प्रस्तुतीकरण के लिए कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया कि वह भ्रामक बयान प्रकाशित कराने को लेकर सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफीनामा जारी करें। साथ ही यह भी कहा है कि 15 दिन के भीतर यह भी वचन दें कि वह कोई भी झूठा, भ्रामक या मानहानिकारक बयान देने से परहेज करेंगे। वहीं, अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा का कहना है कि वाद को वापस लेने के दबाव के लिए यह नोटिस दिया गया है जो गलत है। वह इसको लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया की शरण लेंगे।
कंगना रनौत की अधिवक्ता अनसूया चौधरी ने अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा को मानहानि आदि के आरोप में नोटिस भेजा है। उनका आरोप है कि 30 अप्रैल 2026 को रमाशंकर शर्मा ने सार्वजनिक रूप से झूठे व भ्रामक तथ्य प्रसारित किए हैं। जिससे कि उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया है। उनका यह भी आरोप है कि सामग्री के प्रसार ने न केवल जनता को गलती जानकारी दी, बल्कि उनकी पक्षकार को बदनाम करने और मेरी (अनसूया चौधरी) प्रतिष्ठा को धूमिल करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास भी किया। इससे मेरी व मेरे पक्षकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। उनका यह भी आरोप है कि इनके तथ्यों से इनके खिलाफ मानहानि का आरोप बनता है।
परिवाद है कोर्ट में लंबित
बता दें कि वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने किसानों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में भाजपा की हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत के विरुद्ध 11 सितंबर 2024 को अदालत में परिवाद दाखिल किया था। आरोप था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे उनकी तथा लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। यह परिवाद कोर्ट में विचाराधीन है। जिस पर सुनवाई छह जून को होनी है।
बीसीआई में करेंगे शिकायत
वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा का कहना है कि परिवाद को वापस लेने के दबाव के चलते उन्हें यह नोटिस दिया गया है। उनके द्वारा किसी की कोई मानहानि नहीं की गई है। वह नोटिस के संबंध में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन से शिकायत करेंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की बार एसोसिएशन में भी अपना पक्ष रखेंगे।




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