यूपी में अब 7 दिन बचा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल; सरकारी धन को ठिकाने लगाने में जुटे मुखिया-सचिव
UP Gram pradhan Tenure: उततर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यक्रम अब सात दिन बचा है। ग्राम पंचायतों में करोड़ों का बजट आवंटित किया है। अंतिम दिनों में मिले बजट को खपाने के लिए प्रधान व सचिव दिन-रात जुटे हुए हैं

UP Gram pradhan Tenure: यूपी में चुने गए 57 हजार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने में अब केवल एक सप्ताह का समय शेष रह गया है। प्रदेश में 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बचा है। ऐसे में बहराइच जिले की 1043 ग्राम पंचायतों में 13.60 करोड़ का बजट आवंटित किया है। अंतिम दिनों में मिले बजट को खपाने के लिए प्रधान व सचिव दिन-रात जुटे हुए हैं। चहेतों के नाम बिल काटकर सरकारी धन को ठिकाने में लग गए हैं। हालाकि कार्यकाल बढ़ेगा या फिर प्रशासक तैनात होंगे। इसको लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।
अंतिम कार्यकाल के चार दिन पहले ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग के तहत 13 करोड़ 59 लाख 64913 का बजट मिला है। इसे खर्च करने के लिए प्रधान और सचिव लगे हुए हैं। हर पंचायत की राशि अलग-अलग है। लिहाजा इस बजट पर प्रधान व सचिवों की नजरें गड़ी हुई हैं। उधर प्रधान संघ लगातार मांग कर रहा है कि वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि गांवों में चल रहे विकास कार्य प्रभावित न हों। प्रधानों का कहना है कि योजनाओं की जानकारी और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए वही बेहतर ढंग से पंचायतों का संचालन कर सकते हैं। ग्राम पंचायतों के खातों में मौजूद करोड़ों रुपये के बजट को खर्च करने के लिए विकास कार्यों में तेजी ला दी गई है।
मानदेय दिए जाने को लेकर भी कार्रवाई तेज हो गई
पंचायत भवन, नाली, इंटरलाकिंग, सड़क मरम्मत और साफ-सफाई जैसे कार्यों को जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधान, केयर टेकर, पंचायत सहायक आदि का मानदेय दिए जाने को लेकर भी कार्रवाई तेज हो गई है, ताकि कार्यकाल खत्म होने के बाद शिकायतें न आएं।पिछले पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने एडीओ पंचायत को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी थी। उस दौरान कई जिलों में वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए थे।अब सभी की निगाहें शासन के फैसले पर टिकी हैं कि पंचायतों की बागडोर किसे सौंपी जाएगी और गांवों का विकास कार्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
शासन के निर्णय के आधार पर कदम उठाया जाएगा
बहराइच डीपीआरओ चंद्रभान सिंह ने बताया कि प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाने या फिर प्रशासन नियुक्ति को लेकर कोई पत्राचार शासन की ओर से नहीं किया गया है। अभी समय अवशेष है। शासन के निर्णय के आधार पर कदम उठाया जाएगा।




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