देशभर में ठगी करने वाले गिरोह के दो फर्जी जीएसटी अफसर दबोचे, चार की तलाश जारी
यूपी के गोरखपुर में राजघाट थाना क्षेत्र के घंटाघर में सराफा व्यापारी के कर्मचारी से जीएसटी अधिकारी बनकर 9.50 लाख रुपये की टप्पेबाजी करने वाले ईरानी गैंग के दो शातिर जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही आरोपियों के पास से 1.80 लाख रुपये नकद बरामद किए।

यूपी के गोरखपुर में राजघाट थाना क्षेत्र के घंटाघर में सराफा व्यापारी के कर्मचारी से जीएसटी अधिकारी बनकर 9.50 लाख रुपये की टप्पेबाजी करने वाले ईरानी गैंग के दो शातिर जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही आरोपियों के पास से 1.80 लाख रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल कार व बाइक पुलिस ने बरामद किया है। आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने गिरोह का नाम ईरानी बताया और चार अन्य सदस्यों के शामिल होने की जानकारी दी है। पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी है। पकडे गए आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के टावर मोहल्ला पिपरिया निवासी हैदर अली और बाराबंकी के गढ़ी जलालपुर निवासी मुस्तफा अली के रूप में हुई।
जानकारी के मुताबिक, पीपीगंज निवासी सराफा व्यापारी बलिराम जायसवाल की घंटाघर क्षेत्र में आभूषण की दो दुकानें हैं। 30 जनवरी की सुबह 11:15 बजे उनका कर्मचारी संजय पाल 9.50 लाख रुपये नकद लेकर गीता प्रेस रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक में जमा करने जा रहा था। वह जैसे ही कालीबाड़ी मंदिर के पास स्थित मुंबई क्लाथ हाउस के पास पहुंचा, तभी बाइक सवार दो युवक वहां पहुंचे। इनमें से एक युवक ने खुद को जीएसटी अधिकारी बताते हुए कर्मचारी को रोक लिया और उस पर रौब जमाने लगा।
आरोपी ने कर्मचारी से रुपये से भरा बैग ले लिया और जीएसटी के कागजात दिखाने को कहा। जब कर्मचारी ने बताया कि उसके पास कागजात नहीं हैं, तो आरोपी ने उसे कागजात लाने के लिए दुकान भेज दिया और कहा कि बैग यहीं छोड़कर जाओ। घबराया हुआ कर्मचारी जैसे ही कागजात लेने दुकान की ओर लौटा, उसी दौरान दोनों जालसाज बाइक से रुपये लेकर फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों के तलाश में जुटी थी। सीसी टीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी कर ली। पुलिस के अनुसार, हैदर अली के खिलाफ पहले भी मध्यप्रदेश में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
चोरी के आरोप में जेल गया था हैदर
हैदर 2009 में मध्यप्रदेश के घामापुर थाने से जेल जा चुका है। चोरी के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सामान भी बरामद किया था, लेकिन इसके बाद से वह शातिर तरीके से घटना को अंजाम देकर बचता रहा। अब गोरखपुर में वारदात के बाद उसे पुलिस ने दबोचा है। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
ईरान से आए थे पूर्वज
पकड़े गए आरोपियों के पूर्वज ईरान से आए थे। अब यह सब भारतीय हो गए हैं। इस गिरोह के सदस्य अभी हाल ही में महाराष्ट्र में टप्पेबाजी करने के मामले में पकड़े गए थे। गिरोह के सदस्य देश में घूम-घूमकर अफसर बनकर ठगी करते हैं।
सीओ कोतवाली, ओंकार दत्त ने कहा कि घटना के बाद से ही पुलिस सीसीटीवी कैमरे और दूसरे स्रोतों की मदद से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। आरोपी एक बार फिर वारदात करने के फिराक में थे, जो दबोचे गए।
300 से ज्यादा कैमरे की मदद से पकड़े गए
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने तीन सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। गोरखपुर के अलावा दूसरे जिले के भी कैमरों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और फिर आरोपियों को उस समय दबोच लिया, जब वह गोरखपुर में वारदात करने के फिराक में थे। अब पुलिस ने उनसे पूछताछ में गिरोह के अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा ली है। चार अन्य आरोपी की पुलिस तलाश में जुटी है।




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